82 लाख का मुआवजा दिलाने को आज ही जिलाधिकारी को जलेसर तहसील कर्मियों ने प्रस्ताव भेजा उसके बाद प्रदर्शन स्थिगित किया

तीखी नोकझोंक के बाद जलेसर क्षेत्र में औलाब्रष्टि से बर्बाद हुए गेहूं के किसानों को 82 लाख का मुआवजा दिलाने को आज ही जिलाधिकारी को जलेसर तहसील कर्मियों ने प्रस्ताव भेजा उसके बाद प्रदर्शन स्थिगित किया

आपको अवगत कराना है कि आज दिनांक 19.07.2021 को अखिल भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले जलेसर तहसील का घेराव करते हुए सर्व प्रथम तीनों क्रषि काले कानूनों का विरोध करते हुए लम्बित समस्याओं को उठाते हुए किसानों ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि देश की किसान विरादरी का दुर्भाग्य है कि जव जव किसानों पर संकट आता है तव तव जिम्मेदार अधिकारी/ कर्मचारी किसान की पीडा पर मरहम लगाने के बजाय बेबजह सरकार की चमचागीरी के चक्कर में पीडित किसान, मजदूरों को वेवजह उनके अधिकारों से वंचित कर देते हैं उसी का जीता जागता उदाहरण है कि 23.03.2021 को जलेसर क्षेत्र मैं हुई भारी औलाब्रष्टि से गेहूं / सरसों आदि फसलों के किसान पूर्ण रूप से बर्बाद हो गए थे किसानों की पीडा को सभी अखबार एवं चैनलों तथा शोशल मीडिया ने प्रमुखता से छापा था लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि आपदा से पीड़ित किसानों को जिम्मेदार अधिकारियों / कर्मचारियों ने बार बार आस्वासन देने के बाद भी एक पैसा का मुआवजा नहीं दिलाया और टालमटोल करते हुए पीडित किसानों की सूची भी सरकार को पास कराने हेतु नहीं भेजी गई जवकि लोकडाउन एवं चुनाव के समय धैर्य का परिचय देते हुए पीड़ित किसानों के द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से लगातार मुआवजा दिलाने की मांग की गई लेकिन आज तक मुआवजा न मिलने की बजह से आक्रोशित किसानों ने तहसील जलेसर का घेराव किया उसके बाद तहसील के कर्मचारियों/ अधिकारियों से काफी नोकझोंक हुई और किसानों ने बताया कि काफी लंबे प्रयास के बाद विभागीय कर्मचारियों ने क्षेत्र के पीड़ित किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए लगभग 82 लाख रुपये का प्रस्ताव की सूची वनाई थी जो आज तक जिलाधिकारी एटा को नहीं भेजी गई है जिस बजह से किसानों को मुआवजे से बंचित किया जा रहा है जबकि विभागीय अधिकारी लगातार काफी अपने प्रस्ताव आए दिन भेजते रहते हैं जवकि किसानों के साथ ऐसा नहीं किया गया है जिससे किसानों में काफी आक्रोश व्याप्त है तत्पश्चात तहसीलदार जलेसर एवं नायब तहसीलदार ने उपस्थित किसानों को आस्वासन देते हुए कहा कि हम लोग मुआवजा राशि दिलाने के लिए प्रस्तावित सूची को जिलाधिकारी एटा को भेजकर मुआवजा दिलाने का प्रयास करेंगे उक्त आस्वासन पर किसानों ने तहसील में चल रहे घेराव कार्यक्रम को स्थगित किया और अग्रिम रणनीति 04 अगस्त को कासगंज मैं प्रस्तावित टैक्टर रैली/ किसान महापंचायत मैं तैयार करने की सहमति बनी।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से :- अखिल संघर्षी राष्ट्रीय अध्यक्ष, तेज सिंह वर्मा – सुरेन्द्र शास्त्री राष्ट्रीय महासचिव, संजीव प्रधान राष्ट्रीय संयोजक, अनिल सौलंकी राष्ट्रीय प्रवक्ता, रामकिशन यादव प्रदेश अध्यक्ष का (आज के प्रदर्शन में विशेष योगदान रहा), शीलेन्द्र राजपूत प्रधान, दरियाव सिंह नेताजी, सी पी सिंह, अमित अग्रवाल, धर्मेंद्र यादव, रवी, हाकिम सिंह, मनोज कुमार, अतुल राठौर, हरदयाल जाटव सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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