“तम में प्रकाश हूं, कठिन वक्त की आस हूं, हर वक्त तुम्हारे पास हूं, बुलाओ तो दौड़ी आती हूं, मैं खाकी हूं।”

एटा – भूखे-प्यासे नन्हे मुन्नों की भूख प्यास का सहारा बनी खाकी, थाना प्रभारी सकरौली द्वारा नन्ने-मुन्ने बच्चों को कोल्ड ड्रिकं व भोजन के पैकेट वितरित कर मानवीय संवेदना का अनूठा उदाहरण किया प्रस्तुत। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उदय शकंर सिहं के निर्देशन में जिले में अपराध व अपराधियों की कमर तोडने को बेताब एटा पुलिस के थाना सकरौली प्रभारी सत्यवीर सिहं ने भीषण गर्मी के इस मौसम में जब आम आदमी गर्मी से व्याकुल है, इस दौरान उन्होनें लीक से हटकर अपने निजी फण्ड से नन्ने मुन्ने बच्चों को कोल्डड्रिकं व भोजन के पैकेट वितरित कर मानवीय संवेदना का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करते हुऐ यह अभिव्यक्ति स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि अपराध की सरजमीं को नेस्तनाबूद करने का निरतंर प्रयास करने वाली खाकी के अन्दर व्यक्तिगत जीवन में मानवीय संवेदनाऐं भी छुपी रहती हैं, यूं ही खाकी हर किसी की दुश्मन न होकर स्वंय अपनी कुर्बानी देकर आमजनमानस को भयमुक्त वातावरण देने का प्रयास करती है, यदि खाकी अपराधियों के लिऐ दुश्मन है तो वह अमन पसंद लोगों की मित्र भी है ! बहराहल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उदय शकंर सिहं के निर्देशन में खाकी ने जिले में मानवीय संवेदनाओं के कई अनूठे अविस्मरणीय उदाहरण प्रस्तुत किऐ हैं जिनकी धरातल पर जनता जनार्दन द्वारा सराहना की जा रही है।