भूजल संरक्षण के नाम पर बने सिर्फ दो चेक डेम व तालाब
एटा। भूजल संरक्षण के नाम पर प्रतिवर्ष लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। जिले के विकासखंड जलेसर और निधौली कलां में भूजल संरक्षण के नाम पर सिर्फ दो तालाब व दो चेक डेम का निर्माण किया गया। वित्तीय वर्ष 2021-22 में विभाग ने तीन चेक डेम व दो तालाब के लिए प्रस्ताव भेजा है। जिले में जल संरक्षण के नाम पर नाम मात्र के लिए काम किया गया है। करीब 80 लाख रुपये की लागत से दो चेक डेम और दो तालाबों का निर्माण कराया है।
लघु सिंचाई विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2020-21 में विकास खंड जलेसर में जिला योजना के तहत दो चेक डेम का निर्माण करीब 40 लाख रुपये की लागत से किया गया। गांव बुड़ेरा और हसनगढ़ में ये दोनों चेक डेम बनाए गए हैं। वहीं राज्य भू-जल संवर्धन वर्षा जल संचयन योजना के अंतर्गत दो तालाब का निर्माण करीब 40 लाख की लागत से किया गया है। ये तालाब जलेसर के तखावन और निधौली कलां के कुतुबपुर बंथल में बनाए गए हैं। दोनों तालाबों में पानी उपलब्ध है।
मत्स्य विभाग करा रहा निजी भूमि पर तालाब का निर्माण
मत्स्य विभाग की ओर से जिले में निजी भूमि पर तालाब का निर्माण कराया जा रहा है। मत्स्य विकास अधिकारी अनुज चौहान का कहना है कि मछली उत्पादन के लिए तालाब का निर्माण कराया जाता है। इससे किसानों को मछली उत्पादन के अलावा जल संचयन का भी लाभ मिलता है।
