
दो ब्लॉक डार्क जोन में होने से गहराया पानी का संकट
एटा। जिले में दो ब्लॉक जलेसर और अवागढ़ डार्क जोन में शामिल हैं। यहां लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। पानी खारा होने के कारण हालात बेहद खराब हैं। जलस्तर निरंतर नीचे गिर रहा है। स्थिति यह है कि नौनिहालों से पढ़ाई और लोगों से रोजगार छिन रहा है। दिन-भर पानी भरकर घर पहुंचाने में लोगों को बेशकीमती समय बर्बाद हो रहा है। निधौलीकलां ब्लॉक भी सेमी डार्क जोन में शामिल है। ऐसे में यहां भी हालात ठीक नहीं हैं।
जलेसर और अवागढ़ ब्लॉक में अभिभावक अपने बच्चों को स्कूलों की स्थान पर आसपास के इलाकों में उपलब्ध अच्छा पानी लाने के लिए भेजने को मजबूर हैं। परिवारों में प्रतिदिन किसी एक व्यक्ति की ड्यूटी तय होती है। उसे पूरे दिन पानी की व्यवस्था में लगाया जाता है। सुबह चार बजे से ही लोग दो-दो किमी दूर स्थित शुद्ध पानी के हैंडपंपों से पीने के लिए पानी लाते हैं। इन हैंडपंपों पर सुबह से शाम तक कतारें रहती हैं।
दो दर्जन से अधिक गांव झेल रहे संकट
दो दशकों से क्षेत्र के गांव महानमई, पवरा, नगला क्यार, नगला मीरा, नगला चांद, सिकराऊ, खानपुर, सिरगंवा, कपरई, वारा समसपुर, तखावन, गढ़ी सलूका, भूपालगढ़ी, ओमनगर, महापुर, नगला सुखदेव, कासिमपुर, काजीपुर, बदनपुर आदि करीब दो दर्जन गांवों में हजारों की आबादी खारे पानी की समस्या का सामना कर रही है।
शादी संबंधों में आती है अड़चन
जलेसर और अवागढ़ क्षेत्र में व्याप्त खारे पानी की समस्या से युवाओं के शादी संबंधों में अड़चन आती है। खासतौर से लड़कों के लिए समस्या अधिक है। दूसरे क्षेत्र के लोग पानी संकट के मद्देनजर अपनी लड़की की शादी यहां नहीं करना चाहते हैं। अधिक प्रभावित दो दर्जन गांवों में सैकड़ों युवाओं की शादी नहीं हो सकी है।
सकरौली ग्राम पंचायत के अंतर्गत पांच से अधिक गांव आते हैं। सभी गांवों में पानी की समस्या है। पानी भरने के लिए सुबह से ही दो किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
- ललित, नगला मीरा
खारे पानी की समस्या के निदान के लिए जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई थी। उन्होंने समस्या दूर करने का वायदा भी किया, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है। - सत्येंद्र ठाकुर, सकरौली