हर गली नुक्कड़ में 100 से 500 रुपये में बिक रही गांजे! की पुड़िया

गांजा के धुआं से उड़ता जानकीपुरम

हर गली नुक्कड़ में 100 से 500 रुपये में बिक रही गांजे! की पुड़िया

पुलिस की सरपरस्ती में लखनऊ में फल फूल रहा नशे का कारोबार

लखनऊ: राजधानी के जानकीपुरम के मौर्या भट्टा के पास में गांजा का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। कभी नशे का धुआं पंजाब को उड़ा रहा था, लेकिन अब आंकड़ों पर नजर डालें तो यह यूपी की हवा में पूरी तरह से घुल गया है। हो भी क्यों न जब नशे के कारोबार की सरपरस्ती खुद खाकी करने लगे तो इसका बढ़ना भला कैसे रोका जा सकता है। सब कुछ जानने के बावजूद पुलिस एवं नारकोटिक्स डिपार्टमेंट नशे को लेकर खामोश है। गांजा का कश लगाने वाले में गरीब ही नहीं हाई सोसाइटी के युवा भी शामिल हैं। गांजा जानकीपुरम की गई खास गलियों में खुलेआम बेचा जा रहा है। ऐसा नहीं है कि इस पर रोक लगाने के लिए पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। कई बार एसटीएफ और लोकल पुलिस ने गांजा की बड़ी खेप बरामद की है। जिसमें अब तक कई किलों गांजा पकड़ा जा चुका है। वहीं नेपाल से भी राजधानी में गांजा आ रहा है।

बड़ी मछली गिरफ्त से दूर

कहने को तो पुलिस गांजा के धंधे में लिप्त लोगों को गिरफ्तार करती है लेकिन सिर्फ छोटी मछली यानि सप्लाई करने वाले कैरियर और बिक्री करने वाले ही गांजा की खेप के साथ पकड़े जाते हैं। इस पूरे खेल के मास्टर माइंड कभी पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। गांजा की सप्लाई के लिए महिलाओं, बुजुर्गो को यूज किया जाता है, वहीं इसकी सप्लाई पब्लिक ट्रांसपोर्ट से की जाती है।

कई जगह होती है बिक्री

सूत्रों की माने तो जानकीपुरम के कई इलाकों में गांजा की खुलेआम बिक्री होती है। गुंडबा थाने के पीछे भट्टे के पास चार लोग गांजा, स्मैक बेचते हैं। वहीं सेक्टर आठ में तीन-चार महिलाएं गांजा व स्मैक बेंचती हैं। सेक्टर तीन में एक गुमटी में गांजा बेचा जाता है।

पुड़िया एक, रेट अनेक

गांजा की पुड़िया का रेट और क्वालिटी पर भी धंधेबाजों का पूरा ध्यान रहता है। सौ रुपये से इसकी पुड़िया की शुरुआत होती है। सौ रुपये की पुड़िया में 5 ग्राम, 150 रुपये की पुड़िया में करीब 10 ग्राम व पांच सौ की पुड़िया में 25 ग्राम गांजा होता है। जिसे पीने वाले सिगरेट व ओसीबी (खास तरह की पन्नी) में इसे भर कर पीते हैं।

बढ़ती जा रही लत

गांजे का नशा कॉलेज में पढ़ने वाले कई स्टूडेंट्स, प्रोफेशनल संस्थान में पढ़ने वाले बहुत से स्टूडेंट के साथ-साथ अलग-अलग फील्ड में जॉब वाले भी बड़ी संख्या में कर रहे हैं।

पुलिस की सरपरस्ती में चल रहा कारोबार

गांजा का कारोबार जानकीपुरम में ही नहीं कई अन्य इलाकों में भी पुलिस की सरपरस्ती में चल रहा है।

तथाकथित पत्रकारों का है संरक्षण

सूत्रों की माने तो तथाकथित पत्रकार गांजा का कारोबार करने वालो से महीने के हिसाब से लेते है पैसा , पुलिस के द्वारा गांजे का कारोबार करने वाले लोगो को जब पुलिस पकड़ती है तो थाने से ही छुड़वाने की कोशिश करते है ऐसे तथाकथित पत्रकार ।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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