
जिपं सदस्यों की जोड़-तोड़ से उठा राजनीतिक घमासान
एटा। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चुनाव से पहले सदस्यों की जोड़-तोड़ शुरू हो गई है। दो सदस्यों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। इसे लेकर राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। प्रमुख विपक्षी दल अन्य सदस्यों पर भी दबाव बनाने का आरोप लगा रहे हैं। जबकि सत्ताधारी दल स्वैच्छिक रूप से आने की बात कह रहा है।
जिला पंचायत सदस्य पद के नतीजे आने के बाद अध्यक्ष पद की कुर्सी का फैसला एकतरफा लग रहा था। कुल 30 पदों पर सपा के 18 प्रत्याशी जीतकर आए थे। जबकि भाजपा के महज तीन ही प्रत्याशी जीते। ऐसे में अध्यक्ष पद का चुनाव औपचारिकता भर महसूस हो रहा था, लेकिन चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद धीरे-धीरे यह रोचक बनता जा रहा है।
सत्ताधारी दल की ओर से पूरी ताकत झोंक दी गई है। चुनाव प्रभारी एमएलसी धर्मवीर प्रजापति जिले में काफी समय देकर लगातार बैठकें कर रहे हैं, तो पार्टी प्रदेश अध्यक्ष भी यहां आकर चुनाव पर मंथन कर चुके हैं। शनिवार को प्रसपा और निर्दलीय एक-एक प्रत्याशी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। सूत्रों की मानें तो पार्टी के संपर्क में छह-सात अन्य प्रत्याशी भी हैं, जिन्हें लेकर कभी भी घोषणा हो सकती है। मामला अध्यक्ष पद के टिकट पर फंसा हुआ है।