
एटा की राजनीति में
आज हो सकती है जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी की घोषणा भाजपा नेतृत्व ने लखनऊ तलब किये चारों विधायक नये समीकरण, एटा. जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर प्रतिष्ठा और वर्चस्व की जंग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है. कई दौर की बैठकों के बाद यूँ तो भाजपा हाईकमान अब तक प्रत्याशी तय नहीं कर सका है. मगर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के एटा दौरे के बाद अचानक रविबार को जिले के चारों विधायकों को राजधानी स्थित भाजपा मुख्यालय तलब किये जाने
के बाद यह समझा जा रहा है. कि आज शाम या सोमबार दोपहर तक बीजेपी प्रत्याशी के बाबत बंद पत्ते खोल देगी.
जहाँ तक जिला पंचायत अध्यक्ष की टिकिट का सबाल है तो भाजपा अपने तीन विजेता सदस्यों के साथ सपा के 3-4 बागी सदस्यों को साथ लेकर उन्ही में अपना प्रत्याशी टटोल रही है. इनमे दो उम्मीदवारों से हाईकमान कि वार्ता भी हो चुकी है. शिवपाल सिंह के नेतृत्व बाली प्रसपा से जिला पंचायत सदस्य चुने गए राजेश यादव और गिरीश यादव की पत्नी उर्मिला यादव पर भाजपा दांव लगाने का मन बना चुकी है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा सपा के दोनों बागियों को संतुष्ट करना चाहती है. गिरीश की पत्नी उर्मिला के नाम पर जहाँ जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी की मोहर लग सकती है. वहीं राजेश को ब्लॉक प्रमुख पद पर चुनाव में प्रत्याशी बनाया जा सकता है.
जिले के चारों विधायक क्रमशः एटा सदर से विपिन वर्मा डेविड. मारहरा से बीरेंद्र सिंह लोधी और अलीगंज विधानसभा क्षेत्र से संजीव दिवाकर आदि पूर्वहन लखनऊ कूच कर गए हैं. यहाँ बता दें कि एटा जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव हमेशा से सर्बधिक सनंमबेदशील रहा है. 30 सदस्यों बाली जिला पंचायत में समाजबादी पार्टी के अतिरिक्त भले ही सत्ता में भाजपा रही हो अथवा बसपा इस चुनाव का रुख कभी अपनी ओर मोड़ने में कामयाब नहीं हो सकी. इसबार मात दर मात झेलती रही बीजेपी सत्ता की हनक दिखाने का मूड बनाये है . देखना ये है कि जिला पंचायत के अध्यक्ष पद पर सपा के पूर्व अध्यक्ष की धर्मपत्नी रेखा यादव को चुनाव में शिकस्त देने के मंसूबों में भाजपा कितनी कामयाब होती है.