
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का एटा में बड़ा बयान।
बोले 2022 का उत्तर प्रदेश विधान सभा का चुनाव योगी जी के नेतृत्व में होगा।
केशव प्रसाद मौर्य ने एक दिन पहले कहा था कि 2022 का चुनाव किसके चेहरे पर होगा ये केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा।
2022 के चुनाव पर नेतृत्व के मुद्दे में बीजेपी में दो मत।
उत्तर प्रदेश में 2022 के विधान सभा चुनाव किसके चेहरे पर लड़ा जाएगा और मुख्यमंत्री पद का दावेदार कौन होगा इसको लेकर प्रदेश और केंद्रीय बीजेपी दो धड़ों में बंटी हुई नजर आ रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जहां 2022 का चुनाव का चुनावी चेहरा क्या होगा इसका उत्तर देते हुए कहते है कि ये केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा,इसका मतलब साफ है कि योगी जी के नेतृत्व में चुनाव लड़ना उन्हें स्वीकार नही। या योगी जी को वे चुनावी चेहरा ही नही मानते। वहीं उत्तर प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने आज एटा मे साफ तौर पर कहा कि उत्तर प्रदेश का 2022 का चुनाव कर्मठ,ईमानदार योग्य मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी के नेतृत्व में लड़ा जयेगा। उन्होंने प्रदेश में खाली पड़े निगमो, बोर्डों और संगठन के पदों को एक सप्ताह के अंदर भरने की भी बात कही।
उत्तर प्रदेश बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने आज एटा में कहा कि अगला चुनाव उत्तर प्रदेश के कर्मठ,ईमानदार,योग्य मुख्य मंत्री जो गरीबों की सेवा करते हैं,कोरोना जैसी महामारी में चुनौती को अवसर में बदलने का कार्य किया चाहे पहिला रहा हो चाहे दूसरा रहा हो,आज आगे बढ़ रहा है,गुंडागर्दी, भ्रस्टाचार, अपराध पर रोक और आदरणीय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व
में ही अगला चुनाव लड़ा जाएगा।
स्वतंत्रदेव सिंह के खुलकर ये कहने की अगला चुनाव योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व में लड़ा जाएगा उत्तर प्रदेश की।सियासी हलचल और तेज हो गयी है। इसे भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व का इशारा ही माना जा रहा है क्योंकि कल ही स्वतंत्र देव सिंह की दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से बात हुई है और 21 तारीख को उत्तर प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह और बीएल संतोष लखनऊ पहुंच रहे हैं। समझा जा रहा है कि वे मिशन 2022 पर रणनीति तैयार करने ही पहुंच रहे हैं।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निगमो, बोर्ड, और संगठन के अन्य खाली पदों को एक सप्ताह के अंदर भरा जाएगा। इसे भी उत्तर प्रदेश के 2022 के चुनावों के लिए जातीय समीकरण साधने और सोशल इंजीनियरिंग का एक हथियार माना जा रहा है मंदिर ट्रस्ट में घोटाले पर पूंछे गए प्रश्न का उत्तर देने से वे बचते नजर आए।