सरकार से शिक्षा मित्रों का सवाल, काम 12 महीने, फिर पगार 11 महीने ही क्यों ?

यूपी : योगी सरकार से शिक्षा मित्रों का सवाल, काम 12 महीने, फिर पगार 11 महीने ही क्यों ?

उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों की मांग है कि उन्हें 12वें माह का भी मानदेय सरकार द्वारा दिया जाए, क्योंकि सरकार से उनका कॉन्ट्रैक्ट 11 माह का है लेकिन सरकार उनसे कार्य 12 माह तक लेती है और जब मानदेय की बात आती है तो 11 माह का मानदेय दिया जाता है.

शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार शाही का कहना है कि प्रदेश के शिक्षामित्रों कॉन्ट्रैक्ट ग्यारह माह का है लेकिन सेवा पूरे 12 माह ली जाती है. पूर्व के साल में भी हम जून माह में सेवा किए हैं लेकिन मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, जब मानदेय मांगा जाता है तो संबंधित अधिकारी कहते हैं कि जब ऊपर से आदेश आएगा तो दिया जाएगा.

जितेंद्र शाही ने उदाहरण देते हुए बताया कि इस वर्ष भी बलिया और बनारस में खाद्यान वितरण हेतु नोडल अधिकारी बनाकर हमारी ड्यूटी लगा दी गई है. इसी तरह गाज़ीपुर में भी वैक्सीन हेतु ड्यूटी लगा दी गई है तो वहीं अन्य जनपदों में भी इसी प्रकार जून माह में ड्यूटी लगाई गई है लेकिन इसका मानदेय भुगतान नहीं किया जाएगा. जिसके कारण हम अपने विभाग के वरिष्ठतम अधिकारी महानिदेशक महोदय से मांग करते हैं कि हमें 12वें माह के मानदेय का भुगतान किया जाए.

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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