
एटा।प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान दिवस के मौके पर बुधवार को शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य केन्द्रों एवं जिला महिला चिकित्सालय पर गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच की गई व उन्हें परिवार नियोजन के साधनों को के विषय में बताया गया।साथ ही 15 से 49 वर्ष तक के लक्ष्य दंपति का चिन्हांकन कर काउंसलिंग की की गई। इस दिवस का आयोजन कोविड-19 के अनुरूप व्यवहारों का पालन करते हुए किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि माता एवं शिशु के स्वास्थ्य के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान योजना शिशु एवं मातृ स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। योजना का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक द्वितीय व तृतीय तिमाही वाली गर्भवती की एमबीबीएस चिकित्सक अथवा महिला रोग विशेषज्ञ की देखरेख में जांच करके उन्हें समुचित इलाज व जानकारी मुहैया कराना है। जिससे शिशु एवं मातृ मृत्यु को रोका जा सके । कोरोना को दृष्टिगत रखते हुए कोविड-19 रूप व्यवहारों का पालन करते हुए जनपद में सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया गया। जनपद में बुधवार को जिला महिला अस्पताल समेत 11 ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य इकाइयों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया गया।इस दौरान कुल 553 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई ।जिसमें से 41 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित किया गया । सीएमओ ने बताया कि योजना के तहत गर्भवती महिलाओं की ब्लूडग्रुप, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, वजन, यूरिन, एचआईवी ,सिफलिस आदि जांच तथा अल्ट्रासाउंड के साथ अन्य जांच निशुल्क की जाती हैं। साथ ही हाई रिस्क वाली गर्भवती महिलाओं को आयरन सूक्रोज इंजेक्शन दिया जाता है व आयरन फोलिक एसिड व कैल्शियम की गोली की जाती है।
योजना के नोडल अधिकारी डॉक्टर सुधीर कुमार ने बताया कि गर्भवती महिलाएं गर्भावस्था का तीसरा महीना शुरू होने और छठा महीना खत्म होने के बीच के किसी भी महीने में अपना पंजीयन करा सकती हैं। वैसे तीसरे महीने में ही करा लें तो अच्छा रहेगा। यह योजना खासकर उन महिलाओं के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। वैसे किसी भी वर्ग-समुदाय की महिला इसमें शामिल हो सकती है।
लॉजिस्टिक्स मैनेजर परिवार नियोजन अवनीश पाठक ने बताया कि परिवार नियोजन साधनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर फैमिली प्लानिंग की सुविधा उपलब्ध कराने व गर्भवती महिलाओं की परिवार कल्याण से संबंधित काउंसलिंग करने के लिए सभी केंद्रों पर परिवार नियोजन से संबंधित काउंटर बनाया गए। व वहां आने वाली महिलाओं को परिवार नियोजन के साधनों के विषय में जानकारी दी गई।साथ ही इच्छुक दंपत्ति को परिवार नियोजन के साधन भी उपलब्ध कराए गए।