
आगरा। पारस अस्पताल: आखिरकार दो तीमारदारों ने तोड़ी चुप्पी, बयां किया 26 अप्रैल का दर्द, कहा- अस्पताल में नहीं थी ऑक्सीजन
श्री पारस अस्पताल में 26 व 27 अप्रैल को ऑक्सीजन खत्म होने पर वहां भर्ती मरीजों के तीमारदार मदद के लिए डीएम से लेकर सीएम, पीएम तक गुहार लगाते रहे। किसी ने ट्वीट कर मदद मांगी तो कोई फोन लगाता रहा। स्वजनों को दम तोड़ता देख लोगों ने खुद ऑक्सीजन सिलिंडर लाकर दिए। दमघोंटू मॉकड्रिल का वीडियो सामने आने के बाद मंगलवार को श्री पारस अस्पताल में उन दिनों भर्ती रहे मरीजों के तीमारदारों ने चुप्पी तोड़ी है। दो स्वजनों की मौत से आहत जीवनी मंडी निवासी अशोक चावला ने एसएसपी को चिकित्सक अरिन्जय जैन के खिलाफ एसएसपी से कानूनी कार्रवाई की मांग की। अशोक चावला ने बताया कि 26 अप्रैल को शाम 5.05 मिनट पर अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म हो गई थी तब मैंने डीएम, सीएम और पीएम को ट्वीट किए। मेरे पिता और भाई की बहू भर्ती थी। ऑक्सीजन खत्म होने पर अस्पताल स्टाफ ने कहा ऑक्सीजन का इंतजाम करिए। उन्होंने कहा, जैसे-तैसे हम एक सिलिंडर लेकर आए। अस्पताल को सिलिंडर दिया। इसके 20 मिनट बाद ही मेरे पिता की मृत्यु हो गई। उस दिन अस्पताल में ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं थी।
26 अप्रैल को ही रामरती की मृत्यु हुई। रामरती के पुत्र रवि त्यागी ने बताया कि मेरी मां की मौत ऑक्सीजन कमी के कारण हुई। अस्पताल स्टाफ ने ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं होने की बात कह हाथ खड़े कर दिए।
खंदारी निवासी 58 वर्षीय आशा देवी की मृत्यु भी 26 अप्रैल को हुई। मृतक आशा के पति सुरेश शर्मा ने बताया कि ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण मेरी पत्नी गुजर गई। ये उस दिन की बात है जिस सुबह ऑक्सीजन की मॉकड्रिल की गई, जिसका वीडियो वायरल हुआ है। इधर, जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह का कहना है कि 25 से 28 अप्रैल तक चार दिन में 522 सिलिंडर की आपूर्ति की गई। ऐसे में ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ये सवाल हुए खड़े
- 15 से ज्यादा अस्पतालों ने क्यों चस्पा किए थे तब नो ऑक्सीजन के नोटिस।
- कोविड अस्पतालों में क्यों बंद हो गए 150 से ज्यादा जीवन रक्षक उपकरण।
- मरीजों के तीमारदारों को ऑक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए क्यों भेजा गया।
- एसएन हॉस्पिटल से फिर क्यों निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति की गई।
- ऑक्सीजन खत्म होने की शिकायत पर फिर क्यों दौड़े रातभर प्रशासनिक अफसर।
- ऑक्सीजन की कमी के दौरान क्यों दिया था ऑक्सीजन के ऑडिट का आदेश।
22 दिन पहले दी थी एसएसपी को 27 मौतों की तहरीर
श्री पारस अस्पताल के संचालक डॉ. अरिन्जय जैन का वीडियो वायरल होने से 22 दिन पहले 17 मई को भर्थना, इटावा निवासी राजू यादव ने एसएसपी को आगरा को 26 अप्रैल की रात 27 मरीजों को ऑक्सीजन नहीं देकर हत्या के आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। पुलिस ने तहरीर पर न जांच की, न कोई मुकदमा लिखा। राजू यादव ने बताया कि उनके 30 वर्षीय बहनोई रिंकू की 27 अप्रैल को मौत हो गई। 15 अप्रैल को उन्हें बुखार आया था। 16 अप्रैल को स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव आई। 19 अप्रैल को श्री पारस अस्पताल में भर्ती किया। 26 अप्रैल तक 1.10 लाख रुपये बिल बना। करीब 50 हजार रुपये जांचों में खर्च हुए। उन्होंने बताया कि 26 अप्रैल की रात मरीजों को ऑक्सीजन सप्लाई नहीं की गई। 27 अप्रैल को मेरे बहनोई की मृत्यु हो गई। हमें कोविड से मृत्यु का प्रमाणपत्र दिया। उन्होंने कहा कि मेरे बहनोई सहित उस रात 27 लोगों को ऑक्सीजन न देकर हत्या की गई।