
यूपी (कानपूर ) : धान खरीद को लेकर करोड़ों का घोटाला, 892 किसानों का 8.74 करोड़ फंसा
उत्तर प्रदेश के कानपुर में किसान से धान खरीद मामले में बड़ा घोटाला सामने आया है। एनसीसीएफ(नेशनल कोऑपरेटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया) व नेफेड ने धान खरीदने के बाद भी सैकड़ों किसानों को भुगतान नहीं किया। करीब 892 किसानों का 8.74 करोड़ रोक रखा है। भुगतान न होने पर किसानों ने दोनों कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए मौर्चा खोल दिया है।
धान खरीदने के बाद भी किसानों के बकाया करोड़ों रुपए दिलाने के लिए कानपुर जिला खाद्य विपणन अधिकारी संतोष कुमार यादव ने पुलिस को तहरीर दी है। तहरीर पर पुलिस ने एनसीसीएफ और नेफेड के मंडल प्रभारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। संतोष कुमार यादव ने आरोप लगाया है कि कंपनियों ने किसानों के साथ धोखाधड़ी की है। कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी व अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी गयी है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी के अनुसार धान खरीद के लिए कई कंपिनयों की ओर से धान खरीदा गया था। एनसीसीएफ की ओर से पांच सेंटर बनाकर 601 किसानों से धान खरीदा गया था, लेकिन 427 किसानों का करीब 4.29 करोड़ रुपये नहीं दिया गया। नेफेड ने 1187 किसानों से धान खरीदा था, लेकिन इसमें से 465 किसानों का 4.45 करोड़ रुपए बकाया है। जबकि दोनों संस्थाओं ने सरकार की ओर से पूरी रकम दी जा चुकी है। बार-बार चेतावनी देने के बाद भी जब किसानों के धान की रकम नहीं दी गई तो दोनों संस्थाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।
किसानों ने आरोप लगाया कि खाद्य विभाग के अफसरों की साठगांठ से पूरा घोटाला किया गया है। बार-बार भुगतान नहीं होने की शिकायत की जा रही थी, लेकिन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसलिए कंपनियों ने करोड़ों का घोटाला किया। इसके बाद कोतवाली थाने में एनसीसीएफ के मंडल प्रभारी सौरभ यादव और बादशाही नाका थाने में नेफेड के मंडल प्रभारी अर्जुन सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई है। थाना प्रभारी ने बताया कि खाद्य विपणन अधिकारी की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।