
लगता है भाजपा को उ.प्र.मै दुबारा आने की झटपटाहट कही ले न डूबे बहुत कठिन है डगर 22 की
देश का बडा सूबा उत्तर प्रदेश को लेकर मोदी सरकार, भाजपा और संघ की मुश्किलें बढ़ गई है। यह तीनों भयभीत हैं कि अगर योगी आदित्यनाथ को छेड़ा गया तो इस बात की बेहद प्रबल संभावना है कि वह इस्तीफा दे करके वापस गोरखपुर चले जाएं। अगर ऐसा हुआ तो योगी आदित्यनाथ से असंतुष्ट भाजपा के लगभग 200 विधायकों के लिए मुश्किले पैदा हो जाएगी साथ ही मोदी शाह और कंपनी के लिए भी उत्तर प्रदेश में नए रण क्षेत्र खुल जाएंगे।
पार्टी के सूत्रों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में योगी विरोधी लॉबी लगातार विरोध में खड़े विधायकों के हस्ताक्षर का कोई पत्र जारी कर सकती है। योगी ने ताकीद कर दिया है कि अगर विरोधी खेमे द्वारा कोई एडवेंचर करने की कोशिश की गई तो उसके परिणाम बेहद कष्टकारी होंगे।
ताजा खबर यह है कि अब दिल्ली और योगी आदित्यनाथ के बीच कोई भी बातचीत संघ से जुड़े दो लोगों के माध्यम से हो रही है। मोदी योगी और शाह योगी के बीच कोई भी सीधा संवाद नहीं है। यहां तक कि योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी बातचीत करने से इंकार कर दिया है।
ताजा खबर यह मिल रही है कि उत्तर प्रदेश के प्रभारी राधा मोहन सिंह आज 11:00 बजे राजधानी लखनऊ पहुंच रहे हैं और वहां पर राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। राधामोहन राज्यपाल से क्यों पी लेंगे अभी इसका खुलासा नहीं हो पाया है। यह तय है कि अगर योगी की शान में मोदी भाजपा संगठन या फिर विधायकों के द्वारा कोई गुस्ताखी की गई तो वह गोरखनाथ धाम जा कर के बैठना पसंद करेंगे।