
जनपद में बुधवार को 1326 से अधिक लोगों ने लगवाया कोरोना का टीका-
- जनपद को प्राप्त हुई वैक्सीन
एटा,
जनपद में 1 जून से 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण प्रारंभ कर दिया गया है। 2 जून को चलाए गए टीकाकरण अभियान में शाम 4 बजे तक कुल 12 कोरोना टीकाकरण केंद्र पर 18 से 44 आयु वर्ग के 797 लोगों को टीका लगाया गया। जनपद में पहले से ही 45 वर्ष से अधिक उम्र के लाभार्थियों को कोविड-19 का टीका लगाकर प्रतिरक्षित किया जा रहा है। 2 जून को शाम 4 बजे तक 45 वर्ष व उससे अधिक आयु के 508 लोगों का टीकाकरण किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि 2 जून को जनपद में कुल 43 कोविड-19 टीकाकरण केंद्र बनाए गए। जिसमें शाम 4 बजे तक कुल 1326 लोगों को टीका लगाया गया। बुधवार को शाम 4 बजे तक 18 से 44 आयु वर्ग के 797 लोगों ने टीका लगवाया। इसके अलावा जनपद में 31 टीकाकरण केंद्रों पर 45 से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण किया गया। इन टीकाकरण केंद्रों पर 508 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया। इसके अलावा फ्रंटलाइन वर्कर्स व हेल्थ केयर वर्कर्स का टीकाकरण भी किया गया।उन्होंने बताया कि जनपद में 18 से 44 आयु वर्ग के लिए बनाए गए पेरी अर्बन टीकाकरण केंद्र में परिवर्तन किया गया है। हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर बदरिया शीतलपुर के स्थान पर टीबी क्लीनिक आईटीआई केंपस एटा पर पेरी अर्बन कोरोना टीकाकरण केंद्र बनाया गया है।
सीएमओ ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दुष्प्रभावों से हमारा पूरा समाज पीड़ित है। ऐसे में इस संक्रमण को खत्म करने के लिए टीका लगवाना बहुत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि थोड़ी बहुत असुविधा होने पर भी यह टीका जरूर लगवाएं। इससे बहुत बड़ा लाभ पूरे समाज को मिलेगा। यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है व लोग बिना डरे टीका लगवाएं व स्वयं को व स्वयं के परिवार को संक्रमण से सुरक्षित बनाएं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ राम सिंह ने बताया कि जनपद में वैक्सीन मैनेजमेंट के लिए इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क का प्रयोग किया जा रहा है। जिसके द्वारा वैक्सीन के तापमान, वैक्सीन का वितरण, वैक्सीन के स्टाफ व खर्च की मॉनिटरिंग की जा रही है।जिससे जनपद में चल रहे टीकाकरण में किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं आए। जनपद को आज बुधवार को 2300 डोज कोवीशील्ड व 1100 डोज कोवैक्सीन कि प्राप्त हो जाएंगी। इसके अलावा जनपद को आज बुधवार को 6 आइसलैंड रेफ्रिजरेटर और प्राप्त हो गए हैं। जिनका प्रयोग वैक्सीन भंडारण के लिए किया जाएगा।