
बिना टेंडर के खरीद डाली सामग्री, डीएम ने वसूली के दिए आदेश
एटा। दो ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन और अंत्येष्टि स्थल के निर्माण में सरकारी धनराशि का गबन किया गया। निर्माण से पहले किसी भी प्रकार की टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। लाखों के गबन के मामले में जिलाधिकारी ने तहसीलदार को वसूली करने के निर्देश दिए हैं।
विकासखंड मारहरा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सूरतपुर माफी में पंचायत भवन निर्माण के लिए करीब 13 लाख और चार लाख की दो किस्त आवंटित की गई थीं। निर्माण के दौरान पंचायत सचिव, प्रधान व जेई ने टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं किया। पंचायत भवन का निर्माण शासन के अनुसार नहीं कराया। बिना माप पुस्तिका के भुगतान कर दिया। निर्माण कार्य की तकनीकी जांच अलीगढ़ मंडल आरईएस के अधिशासी अभियंता द्वारा की गई, तो यह गड़बड़ी पकड़ी गई।
उनकी रिपोर्ट पर जिलाधिकारी डॉ. विभा चहल ने तहसीलदार को निर्देश दिए हैं कि तत्कालीन ग्राम प्रधान महताब सिंह से 69 हजार 840 रुपये, डीपीआरओ को सचिव प्रदीप कुमार से 69 हजार 840 रुपये और आरईएस के अधिशासी अभियंता को अवर अभियंता शिव प्रताप से 69 हजार 840 रुपये वसूल कर ग्राम निधि के खाते में जमा कराएं।
वहीं विकास खंड सकीट की ग्राम पंचायत चिलासनी में अंत्येष्टि स्थल के निर्माण में भी अनियमितताएं मिली हैं। जिस पर डीएम ने तहसीलदार को तत्कालीन ग्राम प्रधान अनार देवी से 96 हजार 465 रुपये, डीपीआरओ को तत्कालीन सचिव रामनरेश और आरईएस अधिशासी अभियंता को जेई सुभाष चंद्र और दयानंद सरस्वती से समान धनराशि वसूल कर ग्राम निधि में जमा करने के निर्देश दिए हैं।