कानपुर/बिल्हौर :- थाना क्षेत्र में हुई दो अलग-अलग घटनाओ से बिल्हौर कस्बे में सन्नाटा छा गया पिछले कई दिनों से शांत रहा बिल्हौर नवागंतुक थानेदार की ताजपोशी होते ही
दो हत्याओ ने नवगंतुक थानेदार की प्रशासनिक क्षमता पर भी सवाल खड़े किये हैं बीट पुलिसिंग की सुस्ती व ग्रामीणों से समन्वय की कमी भी क्षेत्र में बड़ी घटनाओं की वजह बन रही है पहली घटना नानामऊ गांव की तो दूसरी दलेलपुर गांव की है जहाँ
एक ही रात में दो लोगों की मौत हो गई. दलेलपुर गाँव जहां बीती देर रात 35 वर्षीय राजेंद्र पुत्र राम भरोसे की हर्ष फायरिंग में मौत हो गई. जबकि प्रशासन ने पहले की हर्ष फायरिंग पर रोक लगा रखी है तदोपरांत भी होती इस तरह की घटनाये नवागंतुक थानप्रभारी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाती है वहीं दूसरी घटना नानामऊ गांव की है, जहां संदिग्ध परिस्थितियों में पप्पू उर्फ शान मोहम्मद पुत्र नूर मोहम्मद नाम के एक युवक की मौत हो इस मामले मे कुछ ग्रामीण शराब पीने के बाद परिजनों से ही युवक का विवाद होने की बात कह रहे हैं
आप को बता दें कि पप्पू उर्फ शान मोहम्मद आए दिन शराब पीकर अपने घर देर रात से आता था इसके बाद घर आकर घरवालों से लड़ाई झगड़ा करता था उसके पिता ने उसको पूर्व में भी कई बार रोका पर वह नहीं माना बल्कि उसी रात पिता को मौत के घाट उतार दिया पूरे मामले पर बिल्हौर पुलिस ने पहुंचकर शान मोहम्मद को अपनी गिरफ्त में ले कर पूछताछ जारी कर दी नव आगंतुक इंस्पेक्टर अनूप निगम का अपराधियों में अभी खौफ नहीं बन पाया है, जिसके चलते क्षेत्र में घट रही घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं इस संबंध में थानाप्रभारी बिल्हौर से बात करने पर उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंच कर दोनों शवों का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है पूरे मामले पर विधिक कार्रवाई की जा रही है जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा !
-मारने किसी और को आए थे मरा कोई
ग्रामीणों की बात पर विश्वास किया जाए तो ममला हर्श फायरिंग का नही है। यदि हर्श फायरिंग होती तो नीम के पेड़ की आड़ से नीम के पेड़ की आड़ से छिपकर गोली नहीं मारी जाती। जिसकी हत्या हूई उसकी किसी से रंजिश भी नहीं थी। हार्ष फायरिंग में गोली नहीं लगी।