
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा निरस्त, असमंजस हटा
~कोरोना संक्रमण में सरकारी फरमान से ज्यादातर खुश तो परीक्षार्थी आहत भी जिले में 32 हजार 345 परीक्षार्थी हैं पंजीकृत~
एटा : माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों का असमंजस खत्म हो गया है। शासन द्वारा परीक्षा निरस्त किए जाने की घोषणा के बाद अधिकांश परीक्षार्थियों को भी स्पष्ट निर्णय होने से राहत मिली है। परीक्षा निरस्त की स्थिति में अधिकांश छात्र खुश हुए हैं तो कई ऐसे भी हैं जो आहत होकर मानते हैं कि परीक्षा होती तो वह और अच्छा प्रदर्शन कर दिखाते। स्कूल संचालकों की भी निर्णय पर अलग-अलग राय हैं।
यहां बता दें कि बोर्ड द्वारा कोरोना संक्रमण से पहले ही बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर ली गई थी। परीक्षा केंद्र तथा अन्य व्यवस्थाएं भी पूर्ण होने की स्थिति में परीक्षा कार्यक्रम भी घोषित कर दिया गया, लेकिन कोरोना संक्रमण ने दखल दे दिया। परीक्षा टल गईं और परीक्षार्थी अधर में लटके हैं। हालांकि सीबीएसई बोर्ड पहले ही दसवीं की परीक्षा निरस्त कर चुका है, लेकिन यूपी बोर्ड ने पिछले सप्ताह हाईस्कूल के परीक्षार्थियों के प्री-बोर्ड तथा कक्षा 9 के अंक स्कूलों से मांगे तो परीक्षा निरस्त होने के कयास तेज हो गए थे। परीक्षा को लेकर असमंजस में पड़े परीक्षार्थियों को अब राहत मिली है। शासन से परीक्षा निरस्त होने के बाद परीक्षार्थी खुश इसलिए हैं कि अब वह परीक्षा का हौवा छोड़ आगे की तैयारी में जुट सकेंगे।
इतना जरूर है कि अभी बोर्ड ने परीक्षाफल किस आधार पर घोषित होगा, इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। इतना जरूर है कि मेधावी छात्र मानते हैं कि उनके परिणाम पर प्रभाव पड़ सकता है। छात्र शुभांशू का कहना है कि उन्होंने अच्छी तैयारी की है। प्री-बोर्ड या पहले की परीक्षाओं में ज्यादा दिलचस्पी नहीं रहती इस कारण उन अंकों के आधार पर बोर्ड परीक्षा के अंक प्रभावित होंगे। मोनिका मानती हैं कि जो होगा वो देखा जाएगा। फिलहाल परीक्षा की टेंशन कम हुई। उधर स्कूल संचालक डा. ओमेंद्र सिंह कहते हैं कि कोरोना के हाल में परीक्षा निरस्त होना मजबूरी बन गई। फिलहाल 10 से 15 फीसद निम्न स्तर के छात्रों का भी भला हो जाएगा। इंटर परीक्षार्थी अभी करेंगे इंतजार: शासन ने जुलाई में इंटर की परीक्षाएं कराने का निर्णय लिया है। ऐसी स्थिति में जिले के 26 हजार 697 परीक्षार्थियों को फिलहाल परीक्षाओं का इंतजार करना होगा। बोर्ड द्वारा परीक्षा समय घटाने तथा प्रश्न पत्र का दायरा छोटा करने की बात को फिलहाल परीक्षार्थी उचित मानते हैं। उधर, डीआइओएस का कहना है कि बोर्ड द्वारा मांगे गए हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों के प्री-बोर्ड तथा अग्रिम कक्षा के अंक अपलोड का कार्य पूरा हो चुका है।