सर्वाधिक प्रभावित आयु वर्ग को ही नहीं वैक्सीन

सर्वाधिक प्रभावित आयु वर्ग को ही नहीं वैक्सीन
~जिले में कोरोना से 21 से 40 वर्ष के सबसे ज्यादा हुए संक्रमित डोज का कर रहे इंतजार~
एटा: कोरोना का संक्रमण धीरे-धीरे कम होना राहत की बात है। लगातार चल रहे टीकाकरण से भी लोगों को सुरक्षा कवच मिल रहा है। सुधार के हालातों के मध्य चिता इस बात को लेकर है कि कोरोना की पहली व दूसरी लहर में जो आयु वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ उसका बड़ा तबका अभी टीकाकरण से पूरी से तरह वंचित है। बात 21 से 40 आयु वर्ग की है। सबसे ज्यादा संक्रमित इसी आयु वर्ग के हुए और यही वर्ग वैक्सीन डोज पाने में पिछड़ रहा है।

मार्च, 2020 से शुरू हुआ कोरोना संक्रमण अभी तक कहर बरपा रहा है। जिले में पहली तथा दूसरी कोरोना की लहर के अंतर्गत 9635 लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं। खास बात यह है कि पहली लहर में ज्यादा घातक परिणाम नहीं रहे और उस समय वैक्सीन भी उपलब्ध न होने के कारण लोगों को सुरक्षा कवच मिलने का इंतजार था। दूसरी लहर से पहले ही फरवरी 2021 में कोरोना वैक्सीन उपलब्ध होने लगी और फिर मार्च से शुरू हुई दूसरी लहर ने दो महीनों में ही हजारों लोगों को चपेट में ले लिया। जिले में कोरोना से प्रभावित हुए जनमानस की बात करें तो अब तक 9635 लोग संक्रमित पाए गए। इस संख्या में 5207 लोग 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के शामिल हैं।

सबसे ज्यादा इसी आयु वर्ग को कोरोना ने अपनी चपेट में लिया। इसके अलावा 40 से 60 आयु वर्ग के 2751 लोग कोरोना ग्रसित हुए। खास बात तो यह है कि 45 से ऊपर वाला आयु वर्ग वैक्सीन से संतृप्त हो रहा है, लेकिन सबसे ज्यादा खतरे में रहा 21 से 40 आयु वर्ग अभी भी वैक्सीन का इंतजार कर रहा है। कारण यही है कि अभी तक 18 से 44 आयु वर्ग के लिए जिले में वैक्सीनेशन शुरू नहीं कराया गया है। गनीमत बच्चों को लेकर रही है कि 10 साल तक के 31 बच्चे ही कोरोना संक्रमण झेलकर होम आइसोलेशन में ही स्वस्थ हुए।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. राम सिंह ने बताया है कि एक जून से 18 प्लस का भी टीकाकरण शुरू हो जाएगा। पूरा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीकाकरण का लाभ मिले। अब तक संक्रमितों की स्थिति

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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