
एटा के वृद्धाश्रम में बुजुर्गों ने कड़े अनुशासन से दी वायरस को मात
एटा – जिले में भी संक्रमण तेजी से फैल रहा है। हर आयुवर्ग के लोग वायरस की चपेट में आ रहे हैं। शहर के वृद्धाश्रम में रहने वाले कई बुजुर्ग भी संक्रमित हो गए थे। उन्होंने चिकित्सीय सलाह और कड़े नियमों को पालन कर कोरोना को हराया।
फरवरी में कासगंज रोड स्थित राजकीय वृद्धाश्रम में 10 वृद्ध कोरोना संक्रमित हो गए थे। उम्र का यह पड़ाव और शारीरिक दुर्बलता को देखते हुए सभी लोग उन्हें लेकर चिंतित थे। उन्हें बागवाला के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वृद्धाश्रम के हैं कड़े नियम
इलाज और दवा के साथ ही उनकी मानसिक मजबूती ने वायरस को मार भगाया। कोई 14 तो कोई 21 दिन बाद वापस वृद्धाश्रम पहुंच गया। इसके बाद से वृद्धाश्रम में नियम तय कर दिए गए। नए निराश्रितों का प्रवेश रोक दिया गया। वर्तमान में यहां 27 पुरुष और 8 महिला बुजुर्ग आश्रित हैं।
वार्डन काजल श्रीवास्तव ने बताया कि वृद्धाश्रम में सभी बुजुर्गों को सुबह योगाभ्यास कराया जाता है। दिन में एक बार आयुर्वेदिक काढ़ा दिया जाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के आयुर्वेद और होम्योपैथी चिकित्सकों की ओर से दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
दिन में तीन-चार बार भाप दिलाई जाती है। सामाजिक दूरी, मास्क और हाथों की सफाई का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। आश्रित सूरजपाल और ओमनम देव ने बताया कि न तो हम लोग बाहर जा रहे हैं और न ही बाहर का कोई व्यक्ति अंदर आ रहा है। ऐसे में संक्रमण के आने की गुंजाइश न के बराबर है।
क्वारंटीन रूम का नहीं हुआ प्रयोग
किसी तरह की विपरीत परिस्थिति के लिए यहां क्वारंटीन रूम बनाया गया है। ताकि किसी व्यक्ति में लक्षण नजर आने पर उसे अन्य लोगों से अलग कर दिया जाए, लेकिन अभी तक इसके प्रयोग की जरूरत नहीं पड़ी है।