
ग्रेटर नोएडा में बंगाली डॉक्टर पर एफआईआर, ग्लूकोज की 15 बोतल चढ़ाने से हुई थी महिला की मौत –
ग्रेटर नोएडा के जेवर कस्बे में 2 दिन पहले एक महिला की मौत हो गई थी। इस मामले में परिजनों ने कस्बे के बंगाली डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए थे। परिवार ने बताया था कि महिला को बंगाली डॉक्टर ने ग्लूकोज की 15 बोतलें चढ़ा दीं। जिससे उसकी तबीयत लगातार खराब होती चली गई। जब परिवार महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा तो उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अब इस मामले में गौतमबुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.दीपक ओहरी के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि बंगाली डॉक्टर कस्बा छोड़कर फरार हो गया है।
आपको बता दें कि 14 मई की सुबह अलका पुत्री रतनलाल नाम की महिला को उसके परिजन ई-रिक्शा से जेवर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। यह महिला जेवर के दाऊजी मोहल्ला में रहती थी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों ने महिला की जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन ने बताया कि स्थानीय बंगाली डॉक्टर के पास उसे लेकर गए थे। उसने महिला की कोविड-19 नहीं करवाई। उसे कई दिनों तक ग्लूकोज की बोतलें चढ़ाता रहा। इससे उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और मौत हो गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.दीपक ओहरी ने इस मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी को कार्यवाही करने का आदेश दिया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने जेवर कोतवाली में शिकायत दी। जिसके आधार पर बंगाली डॉक्टर के खिलाफ आईपीसी, आपदा अधिनियम और महामारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी जा रही हैं। वह कस्बा छोड़कर फरार हो गया है।
बिना टेस्ट कराए करता रहा इलाज
मामला 14 मई का है। अपनी चिट्ठी में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने लिखा है कि, “शुक्रवार की सुबह अलका पुत्री रतनलाल (32 वर्ष) निवासी मोहल्ला दाऊजी, जेवर को ई-रिक्शा पर लेकर परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जेवर पहुंचे। जांच के बाद पता चला कि अलका की पहले ही मौत हो गई थी। पूछताछ में परिजनों ने बताया कि उसे तेज बुखार था। उन्होंने कस्बे में स्थित बंगाली डॉक्टर से उसका इलाज कराया। बंगाली डॉक्टर ने युवती की कोविड टेस्ट भी नहीं कराया और उसे ग्लूकोज की बोतलें चढ़ाता रहा। उसके कुल 15 बोतलें चढ़ाई। इस दौरान अलका की हालत लगातार बिगड़ती गई। इसके बावजूद बंगाली डॉक्टर उसका गलत इलाज करता रहा।”
डीएम सुहास एलवाई ने कार्रवाई का दिया था आदेश
प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, जेवर के प्रभारी डॉ. पवन कुमार ने बताया कि बंगाली डॉक्टर ने मृतका का कोविड टेस्ट नहीं कराया था। वह लगातार उसे ग्लूकोज देता रहा। उसने कुल 15 बोतल ग्लूकोज लगाई थी। इससे मरीज की हालत खराब होती चली गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मामले की तहरीर जेवर कोतवाली प्रभारी को दी है। गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहाल एलवाई (DM Suhas LY IAS) ने मामले में त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया था। जिसके बाद बंगाली डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज हुई है।