विपरीत परिस्थितियों में बनी मजबूरियों की खाकी उठा रही जिम्मेदारी-रिपोर्ट,निशाकांत शर्मा

*विपरीत परिस्थितियों में बनी मजबूरियों की खाकी उठा रही जिम्मेदारी*
 *एक बार फिर दिखा खाकी का मानवीय चेहरा, रिक्शे से दिल्ली से आ रहे दिव्यांग दंपत्ति और उनके बच्चों की जैथरा पुलिस ने की मदद*
                यूं तो लाॅक डाऊन से हर कोई प्रभावित हुआ है, पर सबसे ज्यादा परेशानी हुई है प्रवासी कामगार मजदूरों को, हालांकि केंद्र तथा राज्य सरकारों द्वारा लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग स्तर पर सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं, परन्तु फिर भी भविष्य की अटकलें और घर पहुंचने की जल्दी में लोग जो भी साधन मिल रहा है उसी से निकल पड़ रहे हैं। सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में कि कोई भी प्रवासी व्यक्ति पैदल यात्रा न करें जनपदीय पुलिस द्वारा बार्डर आदि जगहों पर बैरियर लगाकर सघन चेकिंग की जा रही है, इसी क्रम में थाना जैथरा क्षेत्र में बैरियर ड्यूटी पर चेकिंग के दौरान थानाध्यक्ष जैथरा सतपाल भाटी ने देखा कि एक रिक्शा चालक जो कि दिव्यांग है, अपनी दिव्यांग पत्नी और दो छोटे छोटे बच्चों को रिक्शे में बैठाकर आ रहा है। जैथरा पुलिस द्वारा उसे रोककर जानकारी की गई तो उसने बताया कि उसका नाम शैलेंद्र है तथा वह थाना जैथरा के गांव तरगवां का रहने वाला है। दिल्ली में वह तथा उसकी पत्नी कबाड़ी का काम करते हैं, अब लॉकडॉउन की वजह से काम बंद हो गया तो वह दिल्ली से पत्नी व दोनों बच्चों को साथ लेकर रिक्शे से गांव जा रहा है। जैथरा पुलिस ने दोनों की हालत देखी तो मन पसीज गया। उन्हें अपने साथ कॉलेज में ले जाकर सभी को स्नान आदि की सुविधा उपलब्ध कराई, खाना खिलाया तथा नए कपड़े दिलाए‌, साथ ही मेडिकल टीम बुलाकर सभी की जांच भी कराई। जैथरा पुलिस द्वारा सीडीओ एटा से बात कर उन्हें पूरी जानकारी से अवगत कराकर इस गरीब जरुरतमंद परिवार के लिए 1000 रुपए प्रतिमाह की पेंशन भी दिलवाए जाने की बात कही है। इस कार्य के लिए दंपत्ति ने जैथरा पुलिस की काफी सराहना की तथा आमजन द्वारा भी भूरी भूरी प्रशंसा की गई।

About The Author

Team KNLS Live

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks