गौवंश हत्याओं की हो उच्चस्तरीय जांच: राजू आर्य
बोले आरोपितों के खिलाफ हो रासुका की कार्रवाई
एटा। भारतीय पत्रकार संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवं विहिप नेता राजू आर्य ने जिले में हुईं गौवंश हत्या के प्रति रोष व्यक्त करते हुए मांग की है कि गौवंश हत्याओं के आरोपितों की उच्चस्तरीय जांच कराते हुए इनके खिलाफ कठोर से कठोर दंडात्मक कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
राजू आर्य ने कहा कि घटना थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव लालगढी की है। जहां एक शातिर गौ-हत्यारे का पर्दाफाश हुआ है। जो गौ हत्या के साथ-साथ अवैध कारोबारों में भी लिप्त पाया गया है। यह अपराध तब अस्तित्व में आया जब विहिप से जुड़े स्थानीय निवासी दीपेंद्र सिंह ने आरोपी द्वारा अपने दो बेटों के साथ मिलकर एक बछड़े को भाले से मौत के घाट उतारते हुए देखा। दीपेंद्र सिंह आर्य समाजी व्यक्ति हैं। उन्होंने आगे आकर तत्काल इस घटना की सूचना पुलिस को दी और हत्यारोपी को पकड़वाने में पुलिस की मदद की, इन्हीं की मदद से पुलिस ने इस आरोपित को गिरफ्तार भी कर लिया है। किन्तु अन्य दो आरोपी भागने में सफल हो गये। पुलिस ने इस्तेमाल किये गए हथियार भी मौके से जब्त कर लिए है।
आरोपी सुनील कुमार पुत्र इंद्रपाल सिंह ने अपने बेटे सोनू, मोनू एवं छोटू के साथ इस निर्मम गौवंश हत्या को अंजाम दिया था। राजू आर्या ने कहा कि इस अपराधी का अपने क्षेत्र में आतंक होने के कारण कोई विरोध नही करता, बताया जाता है कि इसके पहचान के तार उच्चस्तरीय सफेदपोशों से एवं बाहुबलियों से जुड़े हुए हैं, जिस कारण अपराधी बेखौफ होकर ऐसी घटनाओं को अंजाम देता है। जांच पड़ताल में सामने आया है कि बीते लंबे समय से इस अपराधी द्वारा गौहत्या के सैकड़ों आपराधिक कृत्य किये जा चुके हैं।
राजू आर्या ने बताया कि तलाशी लेने पर आरोपी के घर की छत से विद्युत के तार के बंडल, २० फुट लंबी रेल पटरी, सीवर लाइन के पाइप, बीएसएनएल की भूमिगत बिछाई जाने वाली केबल के कई बंडल तथा दर्जनों ट्री गार्ड बरामद हुए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि ऐसी चोरी की खबरें विद्युत विभाग द्वारा पुलिस प्रशासन को न देने के पीछे क्या कारण हो सकता है? इसके पीछे की जांच होना भी अति आवश्यक है। गौवंश हत्या जैसे घिनोने कृत्य के जिले में घटने से विहिप एवं बजरंग दल के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है। विहिप नेता राजू आर्य ने केंद्र सरकार व राज्य सरकार से गाय को राष्ट्र पशु घोषित किये जाने की मांग के साथ गौहत्या के आरोपितों की उच्चस्तरीय जांच कराने के पश्चात इनके खिलाफ रासुका की कार्रवाई करते हुए कठोर से कठोर सजा दी जाए। जिससे हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने वाले तथा जघन्य अपराधों को अंजाम देने वाले अपराधियों के हृदय में देश की कानून व्यवस्था के प्रति भय व्याप्त हो एवं आम जनता में सरकार के प्रति विश्वास दृढ़ हो।