
कोरोना काल की मीमांसा बनी राजनीति की मंजिल
बी.एस.सी. एजी व डी फार्मा करने बाली नेहा ने तोड़ा सबसे कम उम्र में प्रधान बनने का रिकॉर्ड
एटा कोरोना सक्रंमण की पहली लहर, रोजगार, धंधे, स्कूल, कालेज बंद l
मोहल्ला दर मोहल्ला और कन्टेनमेंन जोन मे शामिल बस्तियों मे बैरिकेटिंग से आने जाने के रास्ते सीज पढ़ाई चौपट कुछ ऐसी ही मीमांसा ने उसे राजनीति की नई मंजिल दे दी l
जी हां बी एस सी एजी करके डी फार्मा मे भविष्य सवांरने के प्रयासों मे जुटी महज 21वर्ष लगभग की कु0 नेहा कोरोना काल की बंदिशो की बानगी बन गयी ! विकास खंड सकीट की ग्राम पंचायत नगला काजी मे सेवानिवृत फौजी बॉबी यादव की बेटी नेहा के साथ कुछ ऐसा ही रहा ! उच्च शिक्षा प्राप्त कर भविष्य संवारने का सपना देख रही नेहा को कोरोना काल ने बेरोजगारी के भवंर से निजात पाने को गांव के हालात और अवरुद्ध विकास की ओर उन्मुख कर दिया ! दोपहर की तपती धूप मे सर पर बोझा लादे व बच्चो संभालते गांव वापस आने वाले लोगो के विश्राम की अव्यवस्थाओ ने उसके मन को खासा कुंठित किया , तो उसी पल मन मे विचार आया कि यात्री प्रतीक्षालय यदि मार्ग मे होते तो राहगीरों को वाहनों के इंतजार मे धूप की तपिश से बचाया जा सकता था l
ग्राम वासियो के इसी दर्द को उसने सियासत का हथियार बना लिया और फिर मिलने मिलाने का दौर शुरू हुआ ,गांव मे नालियां न होने से मार्ग मे कीचड और जल भराव व कच्ची और खरंजा युक्त गलियां बदहाल शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए गांव के मतदाताओं का उसने ऐसा ह्रदय परिवर्तन किया कि सबसे कम उम्र मे ग्राम प्रधान पद पर कबिज हो गयी l
अनुसूचित औऱ यादव बाहुल्ल्ता रखने बाली ग्राम पंचायत नगला काजी से प्रधान बनी कु0 नेहा का कहना है कि बह ग्राम सभा को जिले की आदर्श ग्राम सभा का दर्जा दिलायेगी व जल भराव औऱ दल दल से निजात को नालियां बनाने गांव मे हर पिलर पर आगरा की तर्ज पर तिरंगा लाइट लगबाने के साथ ही सौन्दर्यीकरण कराएगी व साउंड सिस्टम से गांव मे राशन वितरण की व्यवस्था, कोरोना से निजात को घर घर रोगियों का परीक्षण औऱ दवा वितरण तथा शिक्षित युवाओं की टीम बनाकर बच्चो की सोच
शिक्षा मे सुधार के सभी प्रयास उनके द्वारा पूरे किये जाने हेतु प्रयास किऐ जाऐंगे !