राकेश गांधी द्वारा सीएम से की गयी शिकायत एवं मौन व्रत आंदोलन की धमकी के आगे झुका जल निगम
सीवर से उखड़ी सडको पर शुरू हुआ डाबरीकरण , न्याय न मिलने तक जारी रहेगी जगं
एटा ! पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि व पूर्व पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी द्वारा सीवर लाइन बिछाने के नाम पर व्यापक भ्रष्टाचार करते हुए शहर को नरक बनाकर नगर के सम्मानित नागरिकों के समक्ष जल निगम द्वारा पैदा की गई मुश्किलों के विरुद्ध प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी से की गयी शिकायत एवं आठ मई से मौन व्रत आंदोलन की घोषणा के आगे आखिरकार जल निगम नतमस्तक हो ही गया ! और उसने शहर में डाली गई सीवर लाइन से गलियों व मुख्य मार्गों पर लम्बे समय से छोडे गऐ अधूरे कार्यों को तेजी के साथ पूरा करना प्रारम्भ कर दिया! शायद जल निगम यह समझ गया कि बिना किसी राजनैतिक बैनर का सहारा लिऐ बिना जनता जनार्दन का कुशल नेतृत्व करने की क्षमता वाला प्रतिनिधि यदि सार्वजनिक तौर पर जनता के साथ सडकों पर उतरकर आन्दोलन के लिए विवश हो गया तो बात बिगडने के साथ ही जल निगम के कई शीर्ष अधिकारियों की भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबी गर्दनों की योगी सरकार द्वारा पैमाइश भी करायी जा सकती है ! ञातव्य हो कि कई महीनों से शहर की गलियों व सडकों पर जल निगम के अधूरे पडे कार्यों के कारण उडने वाली धूल व गड्डों से परेशान रहे शहर के नागरिको को जहां अच्छी खासी परेशानी से रूबरू तो होना ही पडा है बल्कि जल निगम द्वारा सीवर लाइन बिछाने के कार्यों से हुई तोडफोड में नगर पालिका परिषद को लाखों रूपयो का भारी नुकसान उठाना पडा है ! पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश गांधी ने स्वराज्य टाइम्स संवाददाता से कहा कि जल निगम द्वारा सीवर लाइन बिछाने के कार्यो में किये गये भ्रष्टाचार के विरुद्ध उनके द्वारा छेडी गई जगं तब तक जारी रहेगी जब तक भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे जल निगम के अधिकारियों को सजा नहीं मिल जाऐगी !