
#यूपीएटा,
#डॉक्टरमरीजऔरतीमारदार–,
सच कहें तो डॉक्टर धरती का रब होता है,
जब बीमारी से मरीज जिंदगी और मौत की जंग लड़ता है,तो डॉक्टर के अलावा कोई उसके दर्द को न समझता है न उसका समाधान कर सकता है, तब इसे धरती का रब न कहें तो और क्या कहें, आजकत कोरोना वायरस का कहर विश्व वर्ड तबाही मचा रहा है,तब इंसान घरों मे अपनी और अपनों की जानकी सुरक्षा हेतु कैद है,यहां तक कि यह वायरस एक दूसरे को टचिंग और आसपास से अपनी ग्रफ्त मे ले रहा है तब यह धरती के रब अपनी जान की परवाह किये बगैर हमारी जिंदगी बचा रहे है,ऐसा नहीं है कि मात्र ये पैसे के लिये ही अपनी जान जोखिम मे डाल रहे है,नशीब अपना-अपना कि कौन किस काबिल है उसे नशीब से मिलता है तब यह भी अपने कर्तव्य के प्रति हम इंसानों की जिंदगी के लिये अपने परिवार और जान की बाजी लगाकर हमे हर बीमारी से मुक्त करते है,बिना किसी द्ववेश भावना के तब कोई तीमारदार आकर इनकी गर्दन पर अपने पद और अंहकार का हथियार रखे तो इनके अंदर भी एक इंसान छुपा है जो इसी समाज का हिस्सा है,ऐसी हालत मे किसी का भी स्वाभिमान जाग जाता है,तब कोई भी रब और डॉक्टर आपके मरीज का इलाज दबाव मे रहकर नहीं कर सकता है,आप अपने मरीज के गुनहगार तो है ही साथ मे समाज केभी क्यों कि आप अपनी पावर का गलत स्तेमाल करके डोक्टर को आम इंसान बना रहे है उसकी खुद्दारी को जख्मी और तार-तार करके ऐसे लोगों पर कानूनी कार्यवाही के साथ साथ कड़ा डंड भी होना चाहिये,पदका गलत स्तेमाल करके आप किसी के स्वाभिमान, और पब्लिक के अधिकारों को नहीं छीन सकते है,और जो पदका स्तेमाल करते है,सायद रीयल्टी मे वह बहुत कमजोर और डरपोक इंसान होते है,आदमी वही बड़ा होता है जो बड़े ओहदे पर बैठकर जमीन पर चलता है,आम आदमी के दिलों पर राज करता है,आजकी कड़वी हकीकत, दौलत बहुत सस्ती है,सौहरत के आगे आजकत आदमी रात और दिनमे रंक से राजा बन जाता है,और सौहरत हाशिल करने मे जिंदगी दावपर लगानी पड़ती है,
ये दौलत के ढेर कितने भी लगालो,तुम्हें सौहरत नहीं दे सकते है,माना कि पैसा बहुत कुछ है पर सबकुछ नहीं हो सकता,अगर है तो बता देना इस बाजारी दुनियां मे इसकी कोई दुकान है क्या, हमने इतनी बड़ी रामायण लिखने का प्रयास इस लिये किया कि सायद आपके अंदर का इंसान जाग जाए,और समझ जाए कि आजकी दुनियां मे कोई किसी से कम नहीं है,अपने झूंठी और खोखली प्रतिस्ठा से किसी के उशूल मत कुरेदो,तुम मरीज हो और वह डॉक्टर धरती का रब इसके त्याग और कर्म का सम्मान करो इसे रबसे इंसान मत बनाओ क्यों कि तुम अपनी परेशानी और बेबशी लेकर खुद गये हो इसके पास ये तुम्हारे पास नहीं—-दबाव मे कोई भी डॉक्टर मरीज का इलाज नहीं कर सकता अपनी सोच और इंसानियत मे सामिल रखना होगा क्यों कि इंसान के अंदर ही डॉक्टर, ड्राइवर, पुलिस, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, लेखक,जैसे पद होते है
इन्हें अनावश्यक चोटिल, और इनके आगे भेदभाव जैसी स्थिति मत पैदा करना वरना इनके भी अंदर का इंसान जाग जाएगा।