
एटा में हिंदुत्व को कमजोर करने की साजिस में भाजपा के जनप्रतिनिधियों का हाथ:-पंडित रामौतार मिश्र
एटा,
जनपद एटा में आये त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के परिणामों से यह सिद्ध हो गया है। कि जनपद एटा में हिंदुत्व को कमजोर करने की साजिश स्वयं भाजपा के ही कुछ जनप्रतिनिधि कर रहे हैं ।यह शब्द विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सह समरसता प्रमुख पंडित रामौतार मिश्रा ने कहे ।श्री मिश्रा ने कहा कि एटा में भाजपा जिला पंचायत चुनावों में कम से कम 30 में से 20 सीट जीतकर आती और आसानी से अपना अध्यक्ष चुन सकती थी। लेकिन एटा के कुछ वरिष्ठ जन प्रतिनिधि एक साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से हिंदुत्व को कमजोर करने की साजिश के तहत दूसरी विपक्षी पार्टी सीधे सपा को लाभ पहुंचाने का काम भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने किया है। श्री मिश्रा ने एटा के जनप्रतिनिधियों पर यह भी आरोप लगाया किएटा टीमभाजपा में जब तक परिवर्तन नहीं किया जाएगा। तब तक पूरे जनपद में आगामी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी का कोई भी विधायक जीत कर नहीं आ सकता। इस कार्य के लिए भाजपा के साथ-साथ संघ की रणनीति भी काम नही आई हैं अब भाजपा की हार के बादवो अपना मौन धारण किये बैठे हैं।एटा में हिंदुत्व, पूर्व की अपेक्षा काफी मजबूत स्थिति में है और लंबे समय से चला रहा है, और वर्तमान में अच्छा मौका था कि हिंदुत्व का ग्रामीण स्तर पर भाजपा का अधिकांश वोटर केवल और केवल भाजपा भाजपा चिल्ला रहा था ।ऐसी स्थिति में भाजपा का वोटर मांग कर रहा था कि उन्हें ऐसे प्रत्याशी दिए जाएं जो पहले सेक्षेत्र से जुड़े हुए रहे हो और उनकी भारतीय जनता पार्टी की टीम के लोग मदद करते तो निश्चित ही जिला पंचायत सदस्य के 30 में से 20 सीटें जीत सकते हैं। लेकिन 3 सीटें जीतकर भाजपा अपनी वाहवाही कर रही है। इसका सीधा -सीधा असर आगामी विधानसभा चुनाव मिशन 2022 के लिए भाजपा एटा में चारों खाने चित गिर सकती हैं।जो हिंदुत्व के खिलाफ हिंदुत्व को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं ।इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए,उनके खिलाफ प्रदेश स्तर से अवश्यक कार्यवाही होनी चाहिए।जिससे कि हिंदुत्व के खिलाफ साजिश करने वालों के चेहरे बेनकाब हो सके।
–रामौतोर मिश्र, प्रान्त सह समरसता प्रमुख विहिप।मोबाइल9410834319