युवा नेता राजू आर्य समेत कई राजनैतिक दिग्गजों ने पंचायत चुनाव में खाई शिकस्त।
●शराब एवं धन का हुआ दुरुपयोग, चुनाव आयोग के आदेशों की उड़ी धज्जियाँ।
●हार के पीछे किसी बड़े राजनैतिक षणयंत्र का अंदेशा- राजू आर्य।
●समर्थक न हो निराश, पहले से भी अधिक जोश एवं निष्ठा से जुटें जनसेवा में।

एटा- हाल ही में एटा के पंचायत चुनावों की मतगणना पूर्ण हुई है। जिसके नतीजे चौंकाने वाले साबित हुये हैं। बात करें एटा के पूर्व विधायक अजय यादव की जो कि रेवाड़ी से जिला पंचायत सदस्य की होड़ में थे उनकी शिकस्त हुई है, इसके साथ ही मारहरा क्षेत्र से ब्लॉक प्रमुख के प्रबल दावेदार रंजीत कुमार उर्फ राजू आर्य चुनावी रण में थे, भी धराशायी हुए हैं। जनपद के कई बड़े दिग्गज अब अपनी-अपनी शिकस्त की समीक्षा में जुटे हुए हैं।
राजू आर्य से हुई वार्ता में उन्होंने कहा कि वे अपनी हार की समीक्षा कर चुके हैं। आर्य ने बताया कि फरवरी में उनपर हुए जानलेवा हमले,झूठे मुकदमो एवं उनका वोट कटवाये जाने जैसी कई राजनैतिक साज़िशों के चलते क्षेत्र में उचित समय नही दे पाए, बावजूद इसके मुझे जनता से जो भी समर्थन रूपी आशीर्वाद मिला है मैं उसका तहेदिल से आभार व्यक्त करता हूँ। आर्य ने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान धन एवं शराब का धड़ल्ले से दुरुपयोग किया गया है जिससे जनमत को पलटने एवं जनता को बरगलाने का कार्य किया जा सके और प्रतिद्वंद्वी इसमें कामयाब भी हो चुके है। इसके साथ ही राजू आर्य ने अपने समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस हार से हतोत्साहित होने की आवश्यकता नही है और साथ ही हमें पूर्व से भी अधिक मनोबल एवं निष्ठा के साथ जनता की सेवा का कार्य जारी रखना है। आर्य ने दबे शब्दों में अपनी हार के पीछे बड़ी राजनैतिक साज़िश होने की गहरी आशंका भी जाहिर की और कहा कि मैं जनादेश को ससम्मान स्वीकार करता हूँ। मैं पूर्व की भांति जनता के बीच रहकर जनता की सेवा का कार्य करता रहूंगा।