
अवश्य लगवाएं कोविड का टीका, संक्रमण के बाद भी रहें महफूज-
- वेक्सीन ही कोरोना की चैन तोडने का सबसे कारगर हथियार — डा. उमेश त्रिपाठी
एटा (knls) जिले में सोलह जनवरी से चल रहे कोविड टीकाकरण के प्रति लोगों में उत्साह नहीं दिख रहा ,जबकि वैक्सीन ही कोरोना की चैन तोड़ने में सबसे कारगर हथियार है। जनपद में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं ऐसे में कोविड-19 टीका ही स्वयं को कोरोना वायरस के गंभीर प्रभाव से बचाने का साधन है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. उमेश कुमार त्रिपाठी ने स्वराज्य टाइम्स को बताया कि जिले में प्रतिदिन टीकाकरण किया जा रहा है। यह टीकाकरण जिले के कुल 30 कोविड-19 टीकाकरण केंद्रों पर किया जा रहा है। अतः पात्र लाभार्थी कोविड-19 टीकाकरण केंद्र पर पहुंचकर अपना टीकाकरण करवा सकते हैं।
उन्होने आगे बताया कि वायरस अब चार गुना तेजी से दस्तक दे रहा है। वायरस बढ़ने के बाद भी लोग वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं यह भी एक कारण है कि संक्रमण इतना तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि वैक्सीन शरीर में जाकर आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को बढ़ाकर वायरस से लड़ने की क्षमता उत्पन्न करता है। वैक्सीन लगाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर आप संक्रमित नहीं हुए हैं तो यह आपके अंदर बीमारी से लड़ने के लिए पहले से ही इम्यूनिटी को बढ़ा देगा।अगर आप संक्रमित होने से पहले ही टीके की दोनो डोज लगवा लेते हैं | ऐसी स्थिति में कोरोना वायरस का संक्रमण तो हो सकता है। परंतु संक्रमण से गंभीर रूप के खतरे से काफी हद तक बचा जा सकता है।
सीएमओ डा. उमेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि टीका लगवाने के बाद भी सभी को मास्क का प्रयोग व सार्वजनिक स्थानों पर दो गज दूरी का पालन व कोरोना के अनुरूप व्यवहारों का पालन किया जाना अतयंत अनिवार्य है ,जिले में अब तक 70 हजार से अधिक लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। कुछ लोग पहली डोज के बाद, दूसरी डोज लगवाने नहीं आ रहे हैं। शोध के दौरान यह सामने आया है कि एक खुराक से पर्याप्त प्रतिरक्षा हासिल नहीं हुई। पहली खुराक की तुलना में दूसरी खुराक के लगभग दो हफ्तों के बाद ज्यादा एंटीबॉडी और टी सेल बने। अतः कोरोना टीका की पहली डोज के बाद दूसरी डोज अवश्य लगवाएं। जिससे कोरोना बीमारी की गंभीर संक्रमण की स्थति से काफी हद तक बचा जा सकेगा। कोरोना वैक्सीन लगने के बाद कम से कम 6 से 8 महीने तक एंटीबॉडी शरीर में रहती है। जिससे वायरस बॉडी में गंभीर रुप में संक्रमण नहीं फैला सकेगा। उन्होने बताया कि टीका की कोई भी डोज लगने के पहले अथवा टीके की पहली डोज लगने के बाद यदि कोई व्यक्ति संक्रमित हो जाता है तो वह टीके की दूसरी डोज संक्रमण से ठीक होने के एक महीने बाद अपने डॉक्टर की सलाह लेकर लगवा लें।