
कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण हेतु शासन के निर्देश पर नई गाइडलाइन जारी की गई
डीएम ने कोविड-19 के दृष्टिगत कोरोना कर्फ्यू के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के दिए निर्देश
शासन के निर्देश पर जनपद में 06 मई की प्रातः 07 बजे तक लगाया गया कोरोना कर्फ्यू
एटा। जिलाधिकारी डा0 विभा चहल ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए शासन द्वारा नई गाईडलाईन जारी की गई, जिसके अनुसार पूर्व में 4 मई 2021 की प्रातः 07 बजे तक लागू कोरोना कर्फ्यू को आगामी 06 मई की प्रातः 07 बजे तक जनपदभर में लागू किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान सरकारी कार्यालयों में पचास प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों की उपस्थिति न हो और शेष पचास प्रतिशत भी शिफ्ट में कार्यालय बुलाए जाएं एवं यथा संभव वर्क फ्रोम होम की व्यवस्था लागू की जाए।
डीएम ने निर्देश दिए कि जनपद में कोरोना कर्फ्यू का शतप्रतिशत अनुपालन कराया जाए। उ0प्र0 राज्य सड़क परिवहन निगम के माध्यम से प्रदेश के बाहर कोई भी बस न भेजी जाए जिससे कि संक्रमण पर प्रभावी कार्यवाही की जा सके। बसों में सोशल डिस्टेसिंग का पालन हो व सेनेटाइजर का प्रयोग एवं मास्क का प्रयोग अनिवार्य कर दिया जाए। आवश्यक दवा, सर्जिकल की दुकान खुली रहेंगी। उद्योग पूर्व आदेशों के अन्तर्गत खुले रहेंगे। केवल दैनिक उपयोग की दुकान जैसे सब्जी, फल, दूध, किराना इत्यादि दुकानों को छोड़कर शेष दुकानें बंद रहेंगी। सब्जी मण्डी, फल मण्डी में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन व मास्क, ग्लब्स एवं सेनेटाइजर के उपयोग की अनिवार्यता रहेगी।
डीएम ने कहा कि 05 मई से ग्रामों में कोरोना के लक्षणयुक्त व्यक्तियों की पहचान एवं लाइन लिस्टिंग का कार्य किया जाएगा तथा कोविड की दवाई मेडीकल किट भी वितरित की जाएगी। इस विशेष अभियान की प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी। लक्षणयुक्त व्यक्तियों की पहचान के बाद उनकी टेस्टिंग की जाएगी। पब्लिक एड्रेस सिस्टम का प्रयोग कर कोरोना से बचाव के प्रति जागरूकता के संदेश प्रसारित किए जाएं। हाईरिस्क केटेगरी यथा 60 वर्ष से ऊपर अथवा 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे अथवा गर्भवती महिलाएं एवं एक से अधिक बीमारी से ग्रसित अर्थात कम इम्यूनिटी के लोग बाहर न जाएं। सामान्य जन से अपील है कि अनावश्यक बाहर न निकलें एवं यदि निकलें तो मास्क अनिवार्य रूप से पहनकर ही निकलें।
डीएम ने कहा कि टीकाकरण का अभियान यथावत चलता रहेगा, परन्तु सोशल डिस्टेसिंग व दो गज की दूरी व मास्क की अनिवार्यता टीकाकरण के समय आवश्यक होगी। निगरानी समितियों के माध्यम से ग्राम पंचायतों में क्वारंटीन सेंटर की स्थापना की जाए एवं जो भी व्यक्ति ग्राम के बाहर से आ रहे हैं, यदि होम क्वारंटीन की घर में जगह नहीं है तो क्वारंटीन सेंटर में रखा जाए। कन्टेनमेंट जोन में आवश्यक सेवाओं के अतिरिक्त अन्य सभी कार्य सख्ती से बाधित रखे जाएं। प्रत्येक शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में फॉिंगंग व सेनेटाइजेशन प्रतिदिन किया जाए।