
एटा जिस महकमे पर शहर की साफ सफाई स्वच्छता और नागरिकों की सुरक्षा का जिम्मा है आज वही विभाग शहर वासियों को बीमारी बांट रहा है जानलेवा हुए कोरोना वायरस संक्रमण ने नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी समेत कई लोगों को अपनी जद में ले लिया है वही कई कर्मचारी आइसोलेट होने को विवश हो गए हैं। दरअसल एटा नगर पालिका परिषद में तैनात असी अधिकारी दीप कुमार बासनी पिछले कई दिनों से शहर के बांस मंडी स्थित डॉक्टर शैलेंद्र जैन के सेवा धाम हॉस्पिटल में कोरोना टेस्ट कराने के बाद से उपचार उपचार ले रहे हैं यहां उनकी टेस्ट रिपोर्ट में उन्हें पॉजिटिव पाया गया था कोरोना संक्रमण संक्रमित होने के कारण इसका रिकॉर्ड शहर के जिला अस्पताल में अर्थात स्वास्थ्य महकमे में नहीं है चुकी पालिका की अधिकांश कर्मचारी उनके सीधे संपर्क में रहते हैं इस कारण वाटर बॉक्स में तैनात पंप अटेंडेंट राजवीर सिंह सोबरन सिंह और सुरेश वर्मा 3 कर्मचारी भी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं फिलहाल इन तीनों कर्मचारियों ने अपने आप को होम आइसोलेट कर लिया है इसके अलावा पालिका सभासद शांतनु चौहान गुल्ली कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं अपना उपचार घर में आओ आइसोलेट होकर चिकित्सकों की परामर्श पर कर रहे हैं सबसे बड़ी बात यह है कितने जिम्मेदार विभाग में अधिशासी अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर होने के बावजूद योगी कुमार वासियों ने अपना कोरोना टेस्ट जिला अस्पताल के रिकॉर्ड में नहीं आने दिया है ऐसी स्थिति में पालिका के अन्य तमाम महकमों के कर्मचारियों में दहशत का भाव है वे इस बात को लेकर हास्य हैरान और परेशान है कि कहीं कोरोना जैसी जानलेवा कम्युनिटी संक्रमण फैलने वाली बीमारी की चपेट में वे और उनका परिवार ना आ जाए। अधिकांश कर्मचारियों का यह कहना है कि प्रशासन को उच्चाधिकारियों को इस मामले में सीधे हस्तक्षेप कर गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए ताकि शहर की सुरक्षा साफ सफाई आदि की जिम्मेदारियों का निर्वाह करने वाले नगर पालिका परिषद के अन्य विभागों के कर्मचारियों को ऐसी जानलेवा बीमारी से मुक्ति मिल सके।