साढ़े तीन साल तक बिल में छुपे रही आंधी सफेदपोश सफाईकर्मी बनकर प्रकट हुयी है

एटा।ये व्यक्ति जो बगबगे सफेद कपड़ों में झाड़ू पकड़कर इस तस्वीर में सफाई करने का अभिनय करते हुए फ़ोटो खिंचा रहा है
इन महाशय की धर्मपत्नी एटा नगरपालिका की अध्यक्ष हैं ,जिनके अधीन
नियमित, ग़ैरनियमित और संविदा के मिलाकर लगभग 300 सफाईकर्मचारी काम करते हैं।

300 सफाई कर्मचारियों के बाद भी अगर नगरपालिका अध्यक्षा के पतिदेव को सफाई का अभिनय करना पडे तो इसके क्या अर्थ निकालें या इस तस्वीर के क्या मायने हो सकते हैं??

1-क्या एटा के सफाई कर्मचारी एटा नगरपालिका की अध्यक्षा के आदेश का पालन नहीं कर रहे??

2-या पतिदेव अपनी ही पत्नी के साढ़े तीन साल के कार्यकाल से असंतुष्ट हैं जिसका सांकेतिक विरोध कुछ यूं प्रकट कर रहे हैं।

3-या पतिदेव साढ़े तीन साल तक बिल में रहने के बाद अब बाहर निकलकर लोगों को मूर्ख बनाने का हथकंडा अपना रहे हैं।

4-क्या कोरोना महामारी के समय इन भद्रपुरुष को एटा के लोगों का मजाक बनाने के बजाय पूरे शहर को सेनेटाइज करने के लिये अपनी पत्नी को प्रेरित नहीं करना चाहिये था।

साढ़े तीन साल तक बिल में छुपे रही आंधी सफेदपोश सफाईकर्मी बनकर प्रकट हुयी है।

जिन लोगों की यादाश्त कमजोर हैं उन्हें याद दिला दूँ
ये वही व्यक्ति है, जब एटा तेज बारिश से त्राहि त्राहि कर रहा था तब इनका बयान आया था कि इस बार ऐसे व्यक्ति को वोट देना जो वारिश होने पर एटा में त्रिपाल लगा दे।
इनके उस बयान का स्क्रीनशॉट आज फिर आपके साथ साझा कर रहा हूँ।

व्यक्ति वही है पर व्यवहार का अंतर देखो तब आपको गाली दे रहा था, आज झाड़ू उठाये है मतलब साफ है एटा हितैषी नहीँ
सिर्फ चुनावी गिद्ध है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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