
सरकार के मुनाइन्दे ही उड़ा रहे है सरकार के आदेशों की धज्जियां
एटा समाचार
कोरोना महा मारी को ध्यान में रखते हुए सरकार कोरोना जांच के लिये जिला अस्पताल में कोरोना जांच सेंटर वनाया गया है जिससे लोगो की ज्यादा से ज्यादा जांच हो सके ओर जिससे लोगो कोरोना वायरस जैसी महामारी से बचा जा सके । मगर कोरोना जांच सेंटर जिला अस्पताल का रवैया ही अलग है । यहाँ कोरोना जांच के नाम पर लोगो से सेवा शुल्क भी लिया जाता है । अगर जो सेवा शुल्क नही देता है ।उसको घुमा दिया जाता है कि आज नही होगी जांच कि कल आना जब व्यक्ति कल आता है उसे परसो के लिये टाल दिया जाता है अगर वही व्यक्ति सेवा शुल्क देता है तो उसकी कोरोना उसी दिन तत्काल होजाती है ।
इसी क्रम में पैथलॉजी टेक्नीशियन ओर एक व्यक्ति ओर दोनों के बीच हो रही है बहस जो दूसरा व्यक्त है वो भी सवास्थ्य विभाग से ताल्लुक रखते है जिनका नाम है मुकेश कह रहे है पैथलॉजी टेक्नीशियन से कि यह गलत है सेवा शुल्क लेना तभी पैथलॉजी टेक्नीशियन भड़क जाते है और मुकेश से आप शव्दों का प्रयोग करते हुए गलत भाषा मे उन पर भड़क ने लगते है ।
इसकी के साथ जवाहर तापीय परियोजना पर कार्य कर रहे व्यक्ति ने अपनी कोरोना जांच के लिये जिला अस्पताल में आया तो उससे सेवा शुल्क मांगा गया जब उसने सेवा शुल्क नही दिया तो उसे टहला दिया गया ।
कैसे सरकार के मुनाइन्दे ही सरकार की किरिकिरी करने पर उतारू है । ऐसे कर्मचारियों के लिये सरकार का कोई भी आदेश उन पर कोई लागू नही होता ।