*. सेना के जवानों का कार्यकाल बढ़ेगा।*
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*🔹चीफ ऑफ डिफैन्स स्टाफ, जनरल*
*रावत ने संकेत दिये कि साधारण जवानों*
*को केवल 15 या 17 साल सेवा करने*
*का ही मौका क्यों मिलता है और क्यों न*
*उनका कार्यकाल भी तीस वर्ष कर दिया*
*जाए।*
*🔹जनरल रावत के अनुसार सेना बिना*
*उपयोग करे अपने सैनिकों को रिटायर*
*कर रही है।*
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*नई दिल्ली/13 मई* चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ जनरल बिपिन रावत इस विचार में दिलचस्पी ले रहे हैं कि तीनों सशस्त्र सेनाओं के जवानों , एयरमैनों तथा नाविकों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ा दी जाए इससे करीब 15 लाख लोग लाभान्वित हो सकेंगे। उन्होंने चंडीगढ़ के *दैनिक ‘द ट्रिब्यून’* को *दिये एक इंटरव्यू* में कहा कोई जवान सिर्फ 15-17 वर्ष ही सेवाक्यों दे वह 30 वर्ष तक सेवा क्यों नहीं दे सकता जल्दी सेवानिवृत्ति हो जाने के कारण हमारे पास प्रशिक्षित मैन गये थे कि इन योजनाओं के लिए इतनी बड़ी मात्रा में अतिरिक्त पैसा उपलब्ध कराने के लिए पैसा अखिर कहां से आयेगा इस पैसे का स्रोत क्या होगा
आज की घोषणाएं इसकी थोड़ी बहुत झलक दिखा रही है आज घोषित की गई सभी योजनाएं ऑफ-बजट ‘हैं तथा इनके लिए सटीक ‘अपफ्रंट’ बजट प्रावधानों की जरूरत नहीं होगी। यह पैसा मुख्यतः वाणिज्यिक बैंकों से आयेगा तथा विभिन्न क्षेत्रों की इकाइयों को ऋण के रूप में दिया जायेगा तथा इन घोषणाओं के जरिये कर्ज देने के लिए सक्षम तथा आसान प्रावधान किये जायेंगे।
आज घोषित की गई योजनाएं मोटे तौर पर, चयनित क्षेत्रों के लिए 6-7 लाख करोड़ रु जारी किये जायेंगे।
सीतारमण ने दो योजनाएं नॉन बैंकिंग फायनेंस कंपनीज (एन.बी. एफ.सी.) तथा माइक्रो फायनेंस इंस्टीट्यूशन (एम.एफ.आई.) के लिए घोषित की एन.बी.एफ.सी. ऑटो मोबाइल से लेकर निर्माण गतिविधियों तथा विभिन्न प्रकार के उद्योगों के लिए पैसा देने में अहम् भूमिका निभाती हैं।
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*. सेना के जवानों का कार्यालय…*
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*पर एक सवाल यह भी उठता है कि, इन्हें*
*देर से रिटायर करके सेना इन जवानों को*
*दी जाने वाली पैंशन को आगे टालना*
*चाहती है।*
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पावर कम हो जाती है *जनरल रावत ने कहा कि* सैनिकों का सेवाकाल बढ़ाये जाने तथा सेवानिवृत्ति की न्यूनतम आयु को बढ़ाने के लिए शीघ्र ही एक नीति बनाई जायेगी क्या यह कदम मैनपावर पर होने वाले खर्च में कटौती किये जाने से प्रेरित है क्योंकि बजट का एक बड़ा हिस्सा पेंशन में जा रहा है उन्होंने कहा मेरी नजर मैन पावर पर होने वाले खर्च पर है। हम जवानों को सिर्फ 15-17 साल की सेवा के पश्चात सेवानिवृत्त करके प्रशिक्षित मैनपावर को कम कर रहे हैं।
जनरल रावत ने इन आशंकाओं को समाप्त कर दिया कि इस निर्णय से मोर्चे पर लड़ने वाले जवानों की उम्र के मानक बदल जायेंगे उन्होंने कहा कि मोर्चे की अग्रिम पंक्तियों में युवा सैनिक रखे जा सकते हैं। हमारे पास आर्मी मैडिकल कॉप्स है नर्सिंग असिस्टेंट 50 वर्ष की उम्र तक सेवा क्यों नहीं दे सकते।
ई.एम.आई की इंजीनियरिंग फोर्स का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा बेस वर्कशॉप में काम करने वाले लोग युद्धकाल में भी वहीं रहते है तो फिर वे 50 साल की उम्र तक सेवा क्यों नहीं दे सकते।और किसी भी समय बिन्दु पर सेनाओं में एक निर्धारित संख्या से ज्यादा ऐसे लोग नहीं होने चाहिए जिनकी आयु 40 वर्ष से अधिक हो।
उन्होंने कोविड के असर पर बोलते हुए कहा “ सशस्त्र सेनाओं का स्वरुप बदलने की जरुरत है तथा कोविड के कारण यह काम इसी समय किया जायेगा यह मौजूदा समय की जरुरत है।
तीन साल के अंदर संयुक्त कमान का लक्ष्य प्राप्त करने के बारे में जनरल रावत ने कहा मेरे ख्याल से यह काम तीन साल से आगे नहीं जायेगा। हम एक रुपरेखा तैयार करेंगे तथा उसकी क्रियान्विति तीन साल में शुरु हो जायेगी।
उन्होंने कहा इस समय हम जॉइन्ट एयर डिफेंस कमांड के काम को हाथ में लिए हुए हैं तथा भारतीय वायुसेना प्रमुख इस विषय पर उसकी प्रस्तुति (प्रजेन्टेशन) दे चुके हैं तथा हमयह मानकर चल रहे हैं कि अगले छ: माह में चीजें रुप ले लेंगी। इस कमांड के अपने विशिष्ट तौर तरीके होंगे तथा सभी प्रशिक्षण एवं परिवहन व्यवस्थाओं का स्वरूप एकीकृत कर दिया जायेगा।
नौसेना कमान की बारी आयेगी तथा उसके बाद संयुक्त कमान की थल सेना संयुक्त कमान का गहन अध्ययन कर रही है तथा नौसेना नौसैनिक कमान का। जनरल रावत ने आगे कहा” सी.डी.एस. कार्यालय ने निर्देश जारी कर दिये हैं तथा एक साल के अंत तक ये सभी अध्ययन विश्लेषण पूरे हो जायेंगे।