*योगी सरकार द्वारा श्रम कानून को स्थगित करने का निर्णय मजदूरों को बंधुआ बनाने का हिटलरी आदेश*
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*”पीएम मोदी पीएम केअर फण्ड व पीएम रिलीफ फण्ड में आई दानराशि का लेखा-जोखा की घोषणा करें”*
लखनऊ,13 मई,2020।योगी सरकार द्वारा श्रम कानून को 3 वर्षों तक स्थगित करने को सपा पिछडावर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष चौ.लौटनराम निषाद ने हिटलरी निर्णय करार देते हुए कटुनिन्दा किया।उन्होंने कहा कि श्रम कानून को 3वर्षों तक स्थगित करने का निर्णय मजदूर विरोधी व मज़दूरों को पूंजीपतियों को गुलाम व शोषण का शिकार बनाने की साज़िश है।उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं से योगी सरकार द्वारा श्रमिक कानून को तीन वर्षों के लिए स्थगित करने पर 17 मई को अपने- अपने घर पर धरना देने और योगी सरकार के फैसले की प्रतियां जलाकर अपना विरोध जताने का आह्वान किया है। उन्होंने योगी सरकार से तत्काल श्रमिक कानून को पूर्ववत बहाल करने की मांग किया।
निषाद ने श्रमिक कानून को स्थगित किए जाने पर रोष जताया और केन्द्र एवं प्रदेश की मोदी-योगी सरकार को श्रमिक-मजदूर विरोधी बताते हुए सवाल किया कि योगी जी बतावें कि किस तरह से अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में मौजूदा श्रम कानून रोड़ा बन रहा हैं ? उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी श्रमिकों के अधिकारों को स्थगित करने के फैसले के खिलाफ है।हम किसी भी कीमत पर श्रमिक -मजदूरों के अधिकारों पर कुठाराघात नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार का यह फैसला श्रमिक मजदूरों के खिलाफ एक अमानवीय अपराध व दमनकारी कदम हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मा.अखिलेश जी द्वारा बार- बार आगाह करने के बावजूद केन्द्र सरकार के हठी, मनमाने एवं ढुलमुल फैसले के चलते आज पूरे देश के गरीब श्रमिक मजदूर भूखे,प्यासे,नंगे पैर सड़कों पर बड़ी तादाद में अपने घर-गांव जाने के लिए निकल पड़े हैं।योगी सरकार प्रवासी मजदूरों को श्रमिक स्पेशल ट्रेन से मंगाकर बस द्वारा उँखे गाँव पहुंचाने का झूठा आंकड़ा प्रस्तुत कर रही है। योगी सरकार उनके खाने-पीने एवं ठहरने की व्यवस्था करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
निषाद ने कहा कि 1948 में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा कोष बना था।जो लगातार काम करता आ रहा था।ऐसे में 12 फरवरी,2019 को पुलवामा के आतंकी हमले में मारे गए सीआरपीएफ जवानों की मदद के नाम पर प्रधानमंत्री रिलीफ फण्ड पीएम ने बनाया।इसमें 800 सौ करोड़ से अधिक की मदद व दान आया।उन्होंने प्रधानमंत्री से यह मांग किया है कि बताएं कि शहीद सीआरपीएफ जवानों को क्या और कितनी-2 मदद पहुंचाई गई?उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा राहत कोष पहले से ही बना था तो नया पीएम रिलीफ फण्ड बनाने की क्या जरूरत थी?कोरोना माहमारी से बचाव के लिए एक बार फिर पीएम मोदी ने पीएम केअर फण्ड बनाया।जिसमे 4 दिन के ही अंदर 1834 करोड़ दान मिला था।इसका भी कोई हिसाब-किताब नहीं।ईमानदार बनने वाले 56 इंच के सीने वाला बनने वाले पीएम मोदी की नीयत पर सन्देह हो रहा है।उन्होंने जिस तरह नोटबंदी जनता का धन बैंक में जमा कराकर अपने मित्र पूंजीपतियों में बांट दिया।उसी तरह पीएम रिलीफ फण्ड व पीएम केअर फण्ड की दानराशि अपनों को लाभ पहुंचाने के लिए किया।उन्होंने पीएम केअर फण्ड व पीएम रिलीफ फण्ड में मिले दानराशि का लेख-जोखा घोषित करने की मांग किया है।