
आखिर भयंकर परिस्थिति में भी क्यो नुमाइश लगाने की परमिशन दी गई
बदलते मौसम के कारण बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है जिसमे सबसे खतरनाक कोरोना महामारी महाप्रकोप का ले सकती है रूप
एक ओर पुलिस मास्क न पहनने वाले राहगीरों के काट रही चालान तो दूसरी ओर नुमाइश में आने वालों पर नही देखने को मिल रही प्रशासन की ओर से कोई सख्ती
मासूम बच्चों के साथ भी नुमाइश में खेलने जैसे चरखो झूलो को नही किया जा रहा सेनेटाइज
बुलंदशहर । कोरोना महामारी के चलते एक ओर पुलिस दुआरा मास्क न पहनने वाले राहगीरों पर जुर्माना लगाया जा रहा है , तो वही दूसरी ओर बुलंदशहर में चल रही नुमाइश में खुले आम जनता से कोरोना महामारी का खुला खेल खेला जा रहा है । जिसमे झूले हो या बच्चों के खेलने के तरह तरह के चर्ख या बात करे खाने पीने के पदार्थो की कही भी इस महामारी से बचाव हेतु सुरक्षा उपाय स्प्ष्ट रूप से दिखाई नही दे रहे ,जबकि लगभग लाखो की तादात में बुलंदशहर ओर उसके आसपास से महिलाये पुरूष ओर बच्चे नुमाइश देखने की होड़ में लगातार काफी समय से आ रहे है । आखिर प्रशासन ने क्या सोचकर भयंकर परिस्थितियों में भी नुमाइश लगाने की परमिशन दी ओर आखिर क्यों नियम कानूनों को इस नुमाइश में सख्ती से नही निभाये जाने पर बल नही दिया जा रहा । परिस्थिति यह बनी हुई है कि इस समय बदलते मौसम की वजह से बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ता जा रहा है । और अस्पतालों में मरीजों का जोर भी बढ़ने लगा है ऐसी स्थिति में सरकार के सख्त नियमो को भी अनदेखा किया जा रहा है जबकि राहगीरों के केवल मास्क न लगने पर भी चालान काटे जाने की बात सामने आ रही है ।