
जलेसर क्षेत्र के ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों को न्याय दिलाने हेतु अखिल भारतीय किसान यूनियन आंदोलन करेगी
आपको अवगत कराना है कि अखिल भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने जलेसर क्षेत्र में ओलावृष्टि से बर्बाद हुए किसानों के कई गांवों का दौरा किया उक्त द्वोरा के समय गेहूं सरसों चना आदि फसलों के बर्बाद होने पर स्थलीय निरीक्षण किया एवं किसानों से मुलाकात की कई गांवों में बैठकों भी आयोजित की गई
उक्त दौरा के समय किसानों को संबोधित करते हुए अखिल संघर्षी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा ओलावृष्टि हो जाने की वजह से जलेसर क्षेत्र के कई गांवों के किसान 100% बर्बाद हो गए हैं वहीं सरकार की मक्खनबाजी में लगे रहने वाले कृषि विभाग के अधिकारी किसानों की फसल में 10 से 15 परसेंट नुकसान दर्शाकर केवल वीमा कंपनी से कुछ किसानों को मुआवजा दिलाकर बडी संख्या में किसानों को सरकार से मिलने वाले मुआवजे से वंचित करना चाहते हैं जबकि सच्चाई यह है कि क्षेत्र के किसान 100% पूर्णरूपेण बर्बाद हो गए हैं अगर शासन प्रशासन ने अतिशीघ्र तहसील के कर्मचारियों के माध्यम से उचित मुआवजा का वितरण नहीं कराया तो अखिल भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले समूचे क्षेत्र के किसान आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे एक तरफ पीड़ित किसान सरसों के खेतों से बिखरी हुई सरसों के कुछ दानों को एकत्रित करने के लिए दिन-रात झाड़ू लगाकर के एक-एक दाना इकट्ठा करके अपना जीवन यापन करने के लिए प्रयासरत हैं वही प्रशासनिक अधिकारी बहुत मामूली नुकसान दर्शा कर सरकार के खजाने से ₹1 भी किसानों के हक में न चला जाए इसलिए पल्ला झाड़ रहे जबकि सरकार या मुख्यमंत्री राहत कोस को भरने के लिए प्रदेश के किसान मजदूर दिन रात मेहनत कर टैक्स के रूप में निरंतर धन देने का काम करते हैं लेकिन जब किसान मजदूर बिरादरी पर आपदा आती है तो उसकी रखरखाव को लगे अधिकारी कर्मचारी उसके दरवाजे बंद करने का काम करते हैं जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जबकि सच्चाई यह है कि हमारे टैक्स से सरकार का सारा कोष इकट्ठा होता है अधिकारी कर्मचारियों के वेतन भत्ते एवं सुख सुविधाएं बढ़ाने के नाम पर सरकार दोनों हाथ से पैसे को लुटाती है कभी कोई किसान मजदूर नौजवान इसका विरोध नहीं करता लेकिन दुर्भाग्य वश जव हमको देने की बात आती है तो अधिकारी कर्मचारी अपने चार्ज बचाने के चक्कर में अपने आप को काबिज रखने के उद्देश्य की पूर्ति हेतु हम लोगों को बलि का बकरा बनाते हैं और पीड़ित किसानों के खिलाफ रिपोर्ट देने का काम करते हैं इसे किसान माफ नहीं करेंगे और जव तक प्रत्येक पीड़ित किसान को समुचित सम्मान जनक मुआवजा जब तक नहीं मिलेगा आंदोलन जारी रहेगा संगठन का प्रतिनिधिमंडल अतिशीघ्र जिलाअधिकारी एटा से मुलाकात कर 100% किसानों को मुआवजा दिलाने हेतु शासन तक प्रयास करेगा।
तेज सिंह वर्मा राष्ट्रीय महासचिव एवं रामकिशन यादव प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी अपनी गलत रिपोर्टों को सरकार को भेजकर किसानों के साथ अन्याय करना चाहते हैं किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा क्षेत्र का एक किसान 2 जून की रोटी के लिए मोहताज है और निरंतर सरकार की तरफ आशा भरी निगाहों से देखा रहा है लेकिन सरकार ने अब तक इतना लंबा समय बीत जाने के बावजूद भी कोई सकारात्मक रवैया अपनाते हुए अव तक मुआवजे की घोषणा नहीं की है और प्रशासनिक अधिकारियों ने वहम पाल रखा है कि हम झूठ रिपोर्ट लगाकर के सरकार से मिलने वाले किसानों को उनके अधिकारों से हमेशा वंचित रखेंगे निश्चित रूप से इस बार यह मिथक टूटेगा और जव तक प्रत्येक किसान को जब तक मुआवजा नहीं मिल जाएगा संगठन का कोई भी पदाधिकारी चुप नहीं वैठैगा।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से :- बाबूराम वर्मा, रामवीर सिंह, अवनीश कुमार, सुखबीर सिंह, हाकिम सिंह, बंटू भाई, किताब सिंह वर्मा, दिनेश चंद्र, बबलू, अनिल, भूरे सहित आदि लोग दौरा के समय में उपस्थित रहे