अधिवक्ता राजेन्द्र शर्मा ‘बेदी’ की हुई 3 माह के बाद जेल से रिहाई..!

अधिवक्ता राजेन्द्र शर्मा ‘बेदी’ की हुई 3 माह के बाद जेल से रिहाई..!

*समर्थकों/शुभचिंतकों एवं वकीलों ने गर्मजोशी से किया

*कानूनी संघर्ष में साथ देने बाले अधिवक्ता समाज/समर्थकों सहित बार कॉउंसिल का अधिवक्ता ने जताया आभार

एटा। ” साकी मेरे खुलूस की शिद्दत को देखना,फिर आ गया हूँ गर्दिशे दौरां को टाल कर” यह शेर उत्पीडत राजेन्द्र शर्मा के संघर्ष गाथा पर समीचीन प्रतीत होता है।एटा के बहुचर्चित सरकारी वकील उत्पीड़न मामले के मुख्य पीड़ित अधिवक्ता राजेन्द्र शर्मा की रिहाई ठीक 3 माह 4 दिन बाद हाई कोर्ट की जमानत के बाद आज हो सकी। जेल के मुख्य द्वार से शाम ठीक 7 बजे जैसे ही अधिवक्ता राजेन्द्र शर्मा बाहर निकले उनके समर्थकों/वकीलों/शुभचिंतकों ने घेर लिया। झक सफेद पोशाक में बाहर आये राजेन्द्र शर्मा के चेहरा आत्मबल और आत्म विश्वास से लबरेज दिखा। जेल से उनको लेने आई गाड़ियों का काफिला जैसे ही लेकर चला तो सबसे पहले अधिवक्ता ने गुजरते हुए कचहरी चौराहे से एटा बार के भवन को नमन किया उसके बाद अपने कटरा मुहल्ला आवास पर आने से पहले शिव मंदिर गये जहां उन्होंने भोलेनाथ की अर्चना की। स्मरण रहे आध्यात्मिक अभिरुचि के उक्त अधिवक्ता धर्मपरायण एवं शिवभक्त हैं। 21 दिसम्बर को सम्पत्ति के विवाद में एटा की पुलिस और प्रशासन ने एक पक्षीय भूमिका निभाते हुये उक्त अधिवक्ता के परिवार अमानवीय उत्पीड़न करते हुये पूरे परिवार को जेल में डाल दिया और सम्पत्ति के एक विवादित हिस्से पर कब्जा करा दिया।इस मामले में हाईकोर्ट बार काउंसिल एवं प्रदेश बार काउंसिल ने हाईकोर्ट कोर्ट को स्वतः संज्ञान कराया।
यद्यपि लोकल कोर्ट ने महिलाओं की जमानत दी परन्तु पुरुषों की जमानत हाईकोर्ट से हो सकी इस प्रकरण के मुख्य पीड़ित राजेन्द्र शर्मा आज रिहा हो सके। गौरतलब है सरकारी वकील श्री शर्मा के इस मुद्दे पर पूरे उत्तर प्रदेश में वकील समुदाय एकजुट होकर सड़को पर उतर आया। हाईकोर्ट ने जुडिशियल इन्क्वारी भी कराई जो उच्च न्यायालय में सुनवाई की प्रक्रिया में है,जिसे बार कॉउंसिल खुद कानूनी पैरवी कर रही है। जेल से रिहा होने के बाद राजेन्द्र शर्मा ने जिले के प्रदेश के अधिवक्ता समाज का ह्रदय से आभार जताया है। वही स्टेट बार एवं हाईकोर्ट बार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है उन्होंने कहा है बार के सहयोग एवं समर्थन से मैं और मेरा परिवार टूटा नही है अपितु कानूनी इंसाफ की लड़ाई को लड़ने की गहरी प्रेरणा मिली है।
यहां यह बता दें 21 दिसम्बर को राजेन्द्र शर्मा के आवास पर हुये विवाद पर एटा के स्थान्तरित डीएम एसएसपी ने इकतरफा पक्षपात निभाते हुये भूमिका निभाई जिसकी चतुर्दिक निंदा हुई। जुडिशियल जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष प्रेषित हो चुकी है जिस पर फैसला कुछ दिनों में आ सकता है। जिसकी जद में लोकल प्रशासन के अफसर एवं पुलिसजन भी आ सकते हैं..!

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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