*एटा*
एटा: जनपद के वाशिदों का ग्रीन प्रोजेक्ट बाइपास का निर्माण अब 95 फीसद से भी अधिक पूरा हो चुका है। वाहन फर्राटा भर रहे हैं। शीघ्र ही बाइपास का हस्तांतरण एनएचएआइ को कर दिया जाएगा।
इस बाइपास के लिए एटा के लोगों ने लंबी लड़ाई लड़ी थी। निर्माण तीन साल में हो पाया है। बीच में कई तरह की बाधाएं आईं, लेकिन निर्माण चलता रहा। सर्विस रोड को लेकर कई स्थानों पर धरना प्रदर्शन हुए, मगर काम में रुकावट नहीं आई और अब 1197 करोड़ रुपये की लागत से बाइपास बनकर तैयार है। तत्कालीन जिलाधिकारी सुखलाल भारती ने 28 फरवरी तक निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए थे, मगर इस काम में थोड़ी देरी हो गई और यह मार्च के दूसरे सप्ताह में फर्राटा भरने के लिए तैयार हो सका। फिलहाल हल्के वाहन ही बाइपास से होकर गुजर रहे हैं। शीघ्र ही भारी वाहनों के लिए भी इसे खोल दिया जाएगा। बाइपास का लोकार्पण भी होगा। लाइट से झिलमिलाएगा:
बाइपास के किनारे पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था की गई है। 14 किलोमीटर लंबे बाइपास की सड़क किनारे लाइट लगवाई गई हैं, ताकि रात के वक्त कोई होकर गुजरे तो उसे परेशानी न हो। इन दिनों संकेतक लगाने का काम भी चल रहा है और फाइनल टच दिया जा रहा है। सर्विस रोड का काम जारी:
सर्विस रोड बनाए जाने का काम भी चल रहा है। बाइपास के निर्माण के दौरान अन्य सड़कों की जो टूट-फूट हो गई थी, उसे भी दुरुस्त किया जा रहा है। एनएचएआइ के अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों की कुछ समस्याएं हैं, जिन्हें दूर किया जा रहा है। सर्विस रोड को लेकर ग्रामीणों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।