
गांधी स्मारक इण्टर काॅलेज में प्रेरणा ज्ञानोत्सब समारोह का हुआ भव्य आयोजन
जिलाधिकारी ने प्रेरक बालक, बालिकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
एटा। शासन के निर्देशानुसार कोविड महामारी के दौरान लम्बे समय तक बच्चों के लिए विद्यालय बंद होने के कारण उनकी दक्षता पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव के कारण बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने एवं उनकी दक्षताओं को बढ़ाने के दृष्टिगत 100 दिन का विशेष कार्यक्रम “प्रेरणा ज्ञानोत्सब“ आयोजित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत समृद्ध हस्तपुस्तिका पर आधारित रिमीडियल टीचिंग एवं शासनादेश में वर्णित शिक्षा चैपाल के माध्यम से सामुदायिक सहभागिता, बेसलाईन व एण्डलाइन एसेसमेंट, क्लासरूम ट्रांसफार्र्मेशन, शपथ दिलाया जाना आदि का आयोजन किया जाना है।
शहर के गांधी स्मारक इण्टर काॅलेज में प्रेरणा ज्ञानोत्सब समारोह का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी डा0 विभा चहल ने फीता काटकर, मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डीएम ने इस दौरान विद्यालय प्रांगण में लगाए गए विभिन्न स्टाॅलों का निरीक्षण किया। तदोपरान्त प्रेरक बालक, बालिकाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। बीएसए संजय सिंह द्वारा जिलाधिकारी डा0 विभा चहल को पुष्प गुच्छ एवं मूमेंटो भेंट कर स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण बच्चों की शिक्षा काफी प्रभावित हुई है, अब समय आ गया है कि शिक्षक, अभिभावक तथा बच्चे स्वयं शिक्षा पर ध्यान दें और एक वर्ष की शिक्षा की कमी को पूरा करें। विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराई जाए।
प्रेरणा ज्ञानोत्सब कार्यक्रम के तहत बच्चों के वास्तविक अधिगम स्तर के आंकलनन के लिए कक्षा एक से पांच तक के बच्चों का हिन्दी व गणित विषयों में बेसलाइन एसेसमेंट किया जाएगा, जिससे कि बच्चों के वर्तमान अधिगत स्तर की जानकारी प्राप्त हो सके। बेसलाईन आंकलन में बच्चों के परिणामों को सारांष रूप में अभिभावक शिक्षक संघ की बैठक में शिक्षक द्वारा साझा किया जाएगा। समृद्ध शिक्षक संदर्शिका में 48 दिन के लिए उल्लखित गतिविधियों एवं प्रत्येक दिवस के लिए विस्तार से शिक्षण योजना का उल्लेख किया जाएगा। अभिभावकों को अपने बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित भी किया जाएगा।
इस अवसर पर प्राचार्य डायट जितेन्द्र सिंह, बीएसए संजय सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण, कर्मचारीगण, भारी संख्या में शिक्षक, शिक्षिकाएं, स्कूली बच्चेे आदि मौजूद रहे।