अशोक पचौरी का निधन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण— ज्ञानेन्द्र रावत

एटा।वरिष्ठ अधिवक्ता एवं स्थानीय लोकमन दास ऐकेडेमी के निदेशक अशोक पचौरी का निधन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। वह मेरी व्यक्तिगत क्षति है। मृदुभाषी और मिलनसार प्रवृत्ति के पचौरी लम्बे अरसे से हृदय सम्बंधी बीमारी से पीडि़त चल रहे थे। उनका निधन शिक्षा जगत की अपूरणीय क्षति है। मैं लोकमन दास ऐकेडेमी के स्थापना काल से परिचित हूं। डा.लोकमन दास की पुत्री राजकुमारी गौड़ से मैं बचपन से परिचित हूं। वह मेरी मां श्रीमती सरस्वती देवी रावत की शिष्या तो थीं हीं, बाद में महारानी लक्ष्मीबाई इंटर कालेज में उनकी सहयोगी शिक्षिका भी थीं। लोकमनदास ऐकेडेमी के उत्थान में राजकुमारी गौड़ और फिर विवाहोपरांत अशोक पचौरी के सहयोग की अहम भूमिका रही। उसका प्रतिफल आज वह हायर सैकेण्डरी स्कूल के रूप में है। यह सब उनके अनथक श्रम का ही परिणाम है। ईश्वर शोकसंतप्त परिवार को इस दारुण दुख की बेला में साहस और सामर्थ्य प्रदान करे और दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे, यही परमपिता परमात्मा से प्रार्थना करता हूं।