
नीरव मोदी के बाद अब मेहुल चोकसी की बढ़ी मुश्किल, एंटिगा में शुरू हुई नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया
पंजाब नेशनल बैंक के हजारों करोड़ के घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी पर जांच एजेंसियों का शिकंजा और कस सकता है. कैरेबियाई देश एंटिगा एंड बारबुडा ने नवंबर 2017 में कैरिबियन नेशंस सिटिजनशिप बाय इंवेस्टमेंट प्रोग्राम के तहत मेहुल चोकसी को दी गई नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. लेकिन चोकसी सरकार के इस कदम के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहा है.
हालांकि भारत में मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने इस पर प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है, मेरे क्लाइंट मेहुल चोकसी ने साफ किया है कि वह एंटिगा के नागरिक हैं. उनकी नागरिकता रद्द नहीं की जा रही. वहीं एंटिगा के प्रधानमंत्री गेस्टन ब्राउन के चीफ ऑफ स्टाफ लियोनेल हर्स्ट ने कहा है कि मेहुल चोकसी की नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया खत्म होने में थोड़ा समय लग सकता है.
लियोनेल ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा है कि सरकार ने चोकसी की नागरिकता रद्द करने की कोशिश की लेकिन चोकसी ने एंटिगा और बारबुडा हाईकोर्ट में इसके खिलाफ केस दायर कर दिया. उनका कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया को खत्म होने में करीब 7 साल का समय लग सकता है. अगर चोकसी हाईकोर्ट में केस हारता है तो वह कोर्ट ऑफ अपील्स और लंदन की द प्रिवी काउंसिल में भी अपील कर सकता है.