
नवागत जिलाधिकारी से ग्राम पंचायत मिर्जापुर सई के गांव गुमानपुर को है विकास की अंतिम आस।
एटा-जनपद के ब्लॉक सकीट के गांव गुमानपुर में मुख्य मार्ग पर बने तालाबनुमा जलभराव से आने जाने वाले बुजुर्गों,बच्चों,व महिलाओं के लिये कितनी ही परेशानियों का सामना करना पड़ रहा होगा यह तो मात्र फोटो देखने से ही पता चल रहा होगा। इस दैयनीय दशा को देखकर किसी भी समाज के व्यक्ति का दिल पसीज सकता है लेकिन जनपद एटा के ग्राम पंचायत मिर्जापुर सई में लगने वाला गांव गुमानपुर की बदहाली अपने
विकास के मार्गो को बंद पडे होने से चारों ओर सडांद फैल रही है। जिसमें ना जाने कितना ही घोटाले हुए होंगे इसकी तो जांच करने के बाद ही पता चल सकता है यूपी सरकार के मुखिया माननीय योगी आदित्यनाथ जी के बार बार आग्रह करने के बाद भी न जाने कितनी ग्राम पंचायतों में भी आज विकास की राह अपनी दम तोड़ चुकी है जिसे ना तो जनपद के उच्च अधिकारिओं ने अपने निचले स्तर तक पहुंच कर भी कोई कार्यवाही करना उचित समझा और ना ही अपनी ड्यूटी। आखिरकार बात आती है ग्राम पंचायत की समस्या कई सालों से जिले के लगभग सभी उच्च अधिकारियों को संज्ञान में होने पर भी, तहसीलदार ,कानून गो,लेखपाल, प्रधान द्वारा भी इस समस्या का निस्तारण कराने की कोशिश जिम्मेदारी से नही की ग। समस्या की शिकायत आइजीआरएस व सीएम पोर्टल पर भी कई बार की गई है लेकिन विकास के नाम पर और शिकायत के नाम पर सिर्फ ग्राम वासियों को देखने को मिला है तो अंगूठे का ठेंगा। समस्या की जड़ कुछ दबंगों द्वारा पैदा की गई, बताते चलें कि पूर्व में कुछ दबंग लोगों द्वारा गांव के चकरोड नंबर -127 को अनाधिकृत रूप से घेर रखा है। जिसकी शिकायत करने पर दबंग लोग लड़ाई झगड़ा करने पर आमादा हो जाते हैं। जिसके कारण आज़ तक चकरोड की ठीक से पैमाइश नही हो सकी, और नाहीं अनाधिकृत कब्जे को पुलिस प्रशासन द्वारा हटाया गया।जिसकी शिकायत पूर्व प्रधान ने थाना रिजोर एवं चौकी फफोतू को अवगत कराया था और कई बार प्रधान ने चकरोड पर हो रहे अवैध निर्माण रुकवाने हेतु एसडीएम से भी की थी लेकिन जिसका कुछ हल नहीं निकला। दबंग लोगों ने प्रधान को चकरोड डालने, खरंजा, नाली के निर्माण ना कराने की चेतावनी दे डाली थी जिससे मजबूर होकर ग्राम प्रधान ने कार्य को रुकवा दिया। जिसकी शिकायत भी समस्त ग्राम वासियों ने कई बार की है समस्या के निदान के लिए ग्राम वासियों ने पूर्व में मुख्य विकास अधिकारी व जिलाधिकारी को भी की थी जिसकी जनसुनवाई संख्या -400 20 1180 15 769 दिनांक 5 सितंबर 2018 खंड विकास अधिकारी सकीट एटा ने अपने कार्यालय पत्रांक 648 आइजीआरएस निस्तारण 2018- 19 को प्रेषित की। जिसमे बताया गया कि सडक पर नाली की खुदाई हो चुकी है वर्तमान में बरसात हो रही है जिसके कारण निर्माण कार्य रोक दिया गया है बरसात समाप्त होने के बाद नाली का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा लेकिन आज तक कोई भी सुनवाई नहीं की गई। वर्तमान समय में ग्राम पंचायत के गांव में पानी की निकासी ना होने के कारण महिलाओं ,बच्चों व बुजुर्गों को खेतों पर या कहीं अन्य बाहर आने जाने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है कई बार तो बुजुर्ग, महिलाएं , बच्चों के जलभराव में गिरने से जान माल का खतरा भी बन चुका है आखिर भविष्य में किसी भी बच्चे ,बुजुर्ग की सडक पर बने तालाब में पैऱ फिसलने से जान माल का नुकसान हुआ तो इसका जिम्मेदार जनपद में बैठे सिर्फ और सिर्फ उच्चाधिकारी ही होंगे ना की कोई अन्य। शिकायत करने वालों वाले लोगों को अब सिर्फ जिलाधिकारी महोदय का ही आसरा है जिससे लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके। शिकायत करने वालों में प्रेम किशोर पचौरी ,छोटेलाल, राधेश्याम, दिनेश पचौरी, नीतू पचौरी, देवेंद्र सिंह ,कमलेश, मातादीन ,उदयवीर, सुरेंद्र पाल, अजब सिंह, नेकराम, जोध सिंह, अखिलेश, नरेश चंद्र, सुरेश चंद्र, कौशल किशोर, शिवकुमार, गणेश पचौरी, नेपाल सिंह, राजवीर, राम वीर, विद्याराम, राम खिलाड़ी, होरी लाल, कमल सिंह आदि लोगों ने पूर्व में कई बार शिकायत की है जिसका आज तक कोई निस्तारण नहीं किया गया।