प्रशासन का शिथिल रवैया बन सकता है राजू आर्य की हत्या का कारण, एक सप्ताह बाद भी हमलावरों पर नही कसा पुलिस का शिकंजा

प्रशासन का शिथिल रवैया बन सकता है राजू आर्य की हत्या का कारण, एक सप्ताह बाद भी हमलावरों पर नही कसा पुलिस का शिकंजा।

एटा/कासगंज- कासगंज जिले के थाना ढोलना क्षेत्र के निकट नदरई रोड पर परशुराम सीमेंट फैक्ट्री के नज़दीक दिन दहाड़े दो बाइकों पर सवार चार अज्ञात हमलावरों ने भारतीय किसान विकास मंच उ.प्र., उत्तराखंड एवं हिमाचल प्रदेश के प्रभारी एवं अखिल भारतीय गौरक्षा महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विहिप नेता राजू आर्य पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, इस हमले में राजू आर्य के सीने और पैर में गोलियां लगी। गंभीर हालत के चलते जिला अस्पताल कासगंज से राजू आर्य को एस. एन. मेडिकल कॉलेज आगरा के लिए रैफर कर दिया गया था। हमले के कुछ ही समय में पुलिस के आला अधिकारी निरीक्षण हेतु घटनास्थल पर पहुंचे जिससे प्रतीत हुआ कि मानो अब हमलावरों की खैर नही और अब भावी न्यायसंगत कार्रवाई में कोई बाधा नही आएगी। किन्तु कुछ समय पश्चात ही पुलिस प्रशासन के ढुल-मुल एवं शिथिल रवैये के चलते विवेचनात्मक कार्रवाई की रफ्तार शून्य पड़ती दिखाई दी। प्रशासन की इस शिथिलता को देखकर पूर्व में अपने हुक्मरानों के हुक्म की तामील करने में नाकाम रहे अपराधी पुनः उस घटना को अंजाम देने की फिराक़ में जुटे गए होंगे। बता दें कि राजू आर्य जो कि शिव सेना के प्रदेश महासचिव के पद की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं, उनका उपचार आगरा के पारस हॉस्पिटल में वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में चल रहा है।
स्वराज्य टाइम्स से दूरभाष पर हुई वार्ता में आर्य ने बताया कि जनपद की कुछ बडी एवम राजनैतिक रसूख़ रखने वाली हस्तियां राजनैतिक प्रतिद्वंदिता के चलते उनकी हत्या कराने को उतारू है, इसके साथ ही राजनैतिक एवं प्रशासनिक दवाब के चलते पुलिस भी मेरे ऊपर हुए हमलों पर लीपापोती कर उन्हें झूठा साबित करने पर आमादा है। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस घटना की FIR होने से पूर्व ही पुलिस द्वारा मेडिकल बोर्ड गठित कर दिया गया एवं जिला चिकित्सकों द्वारा चिकित्सकीय व्याख्यान में हमले में लगे फ़ायर का उल्लेख भी नही किया गया। इससे साफ जाहिर है कि किसी राजनैतिक दवाब के चलते जिला प्रशासन एवं जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों ने यह कार्य किया है। आर्य ने कहा कि वह शीघ्र ही शिवसेना उत्तर प्रदेश,भारतीय किसान विकास मंच,अ.भा. गौरक्षा महासंघ एवं विश्व हिन्दू परिषद के बैनर तले प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मिलकर सीबीआई द्वारा घटना एवं प्रशानिक मिलीभगत की जांच की मांग करेंगे।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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