
कांग्रेस नेता शब्बीर अब्बास अपने येक बायान। मे कहा है कि नरेंद्र मोदी जी ने आन्दोलनजीवी शब्द गोलवलकर से सीखा है..
जब भगत सिंह जैसे लड़के फांसी चढ़ रहे थे, तब RSS के गुरु गोलवलकर ने भी अपने स्वयंसेवकों से कहा था, ‘आंदोलनजीवी ‘पागलों’ की टोली से दूर रहें.’ देश फिर भी आज़ाद हो गया।
आन्दोलन संवैधानिक अधिकार है। बग़ैर आन्दोलन के लोकतंत्र मुर्दा है। प्रधानमंत्री ने संसद में घोर असंवैधानिक बात कही है।
ये भूल जाते है, जब विपक्ष में थे तो हर बात पर आंदोलन करते थे। इसी आंदोलन के बदौलत सत्ता में आए है। इससे झूठा प्रधानमंत्री कोई नहीं हुआ है