*मायूस हुआ अन्नदाता काली आंधी ने उड़ाई किसान की नींद*
लगता है ऊपर वाले ने इंसानियत को खत्म करनें का अब मन बना लिया है तभी करोंना जैसी महामारी के साथ मौसम में बद्लाओ कर लोगों की मुश्किलें औऱ बढ़ा दी। लॉकडाउन में जहां किसान मजदूरों की समस्या से जूझ रहा है तो वहीं इन दिनों बदले मौसम के मिजाज से अन्नदाता परेशान है। पहले हुई बेमौसम बारिश और तेज आंधी से किसानों का जबरदस्त नुकसान हुआ तो वहीं आज फिर आयी काली आंधी के साथ हुई बारिश से अन्नदाता मायूस हो गया। अब वातावरण में बनी नमी कृषि कार्य में बाधा बन रही है। वहीं आई काली आंधी से किसानों की कटी गेंहू की फसल दूर-दूर तक उड़ गयी। इसके साथ ही भूसा भी लगभग पूरी तरह विलुप्त हो गया। जिससे किसानों की नींद उड़ गयी है और चारों तरफ किसान परेशान दिख रहा है। हालांकि इस लॉकडाउन में प्रशासन किसानों को हर संभव मदद कर रहा है पर कुदरत की मार से किसान बेहद दुखी है और कोशिश है कि जल्द से जल्द फसल घर पहुंचे।
महाराजपुर के किसान दिनेश सिंह का कहना है कि वह अपने नदी वाले खेतों में थ्रेसर से कटाई करा रहे थे। भूसा खेतों में ही लगा हुआ था। एकाएक आई आंधी भूसे को उड़ा ले गई है। आलम यह है कि अब खेतों में एक दाना भूसा नहीं बचा है। इसके अलावा जिले में अन्य स्थानों पर भी किसानों की गेहूं की फसल जो खेतों में कटी पड़ी थी उड़ गई है। ऐसे में अन्नदाता एक बार फिर संकट में आ गया है। किसानों का कहना है कि लगातार किसान कुदरत की मार झेल रहा है। कभी बेमौसम बरसात तो कभी ओले गिरने से उनकी फसलें नष्ट हो रही है। रही सही कसर मौसम के बदले मिजाज ने पूरी कर दी। किसानों का कहना है कि वातावरण में नमी होने के चलते न तो सही से कटाई हो पा रही है और न तो मड़ाई का काम हो पा रहा है।
मौसम वैज्ञानिक का कहना
चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. नौशाद खान ने बताया कि स्थानीय स्तर पर कम वायुदाब का क्षेत्र बना है और इसी के चलते मौसम में बदलाव आया है। बताया कि आज का अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामन्य से 4.6 डिग्री कम है। इसी तरह न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.02 डिग्री कम रहा। हवा की दिशाएं उत्तर पश्चिम रही और इनकी रफ्तार 5.3 किलोमीटर प्रति घंटा रही। सुबह की आर्द्रता 75 प्रतिशत व दोपहर की आर्द्रता 42 फीसदी दर्ज की गयी। उन्होंने बताया कि आज 0.06 मिलीमीटर बारिश हुई है। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि इस सप्ताह मध्य उत्तर प्रदेश के व्लाक एवं जिला स्तर पर आसमान में हल्के से मध्यम बादल छाए रहने के कारण पांच से सात मई के मध्य तेज हवाओं के साथ स्थानीय स्तर पर हल्की वर्षा होने की संभावना है।