सिपाही प्रेमी ने दिया धोखा तो महिला सिपाही पहुंची उच्च अधिकारियों के पास
महिला सिपाही के साथ लव, सेक्स और धोखा……

अंबेडकर नगर
इश्क में धोखा तो आम बात हो चुकी है लेकिन यहां मामला सिर्फ धोखे का नहीं बल्कि महिला पुलिस आरक्षी का है। पति सिपाही गोविंद द्वारा कोर्ट मैरिज कर मस्ती की और हद तो तब हो गई जब उसने पुलिस लाइन से महिला सिपाही को मारपीट कर भगा दिया।उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा हुआ न्याय के लिए महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की है ।जब एक महिला सिपाही खुद अपने ऊपर अत्याचार और शोषण का आरोप खुद यहां तैनात सिपाही पर ही लगा रही हो और न्याय के लिए अफसरों की चौखट नाप रही हो तो यहां प्रदेश के मुखिया का महिला सुरक्षा का सपना तार-तार हो रहा है। पुलिस लाइन में तैनात सिपाही मऊ जिले का रहने वाला सिपाही जो अंबेडकर नगर जनपद की रहने वाली से प्यार का नाटक करता रहा और शादी का झांसा देकर उससे शारीरिक संबंध भी स्थापित किया ।दबाव बनाने के बाद गोविंद ने 10 मई 2020 को फिर से कोर्ट मैरिज कर लिया और उसे उसके हाल पर छोड़ दिया पीड़िता ने आरोप लगाया कि प्यार और शादी के नाम पर मेरे साथ धोखा किया गया ।जब मैं अपने ससुराल पहुंची तो वहां तरह-तरह की दी जाने लगी दहेज की मांग के साथ उसे खाना पीना भी नहीं दिया गया। ससुराल से प्रताड़ित होकर विवाहिता वहां से जब वह अपने सिपाही पति गोविंद से मिलने अंबेडकर नगर पुलिस लाइन पहुंची तो उसके साथ मारपीट सिपाही पति गोविंद द्वारा किया गया और जान से मार देने की धमकी देकर भगा दिया जब इसकी लिखित शिकायत कार्यवाही के नाम पर महिला थाना भेज दिया गया ।वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई महिला सिपाही न्याय के लिए दर-दर भटक रही है पर कोई अधिकारी सुनने वाला नहीं ऐसे में प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ का महिला सुरक्षा का सपना यहां चकनाचूर हो रहा है। जब महिला सिपाही की कोई सुनी सुनवाई नहीं हो रही है तो जनपद में आम महिलाओं का क्या हाल होगा। आप इसका अंदाजा लगा सकते हैं।एक तरफ कहा जाता है महिलाओं को पुलिस थानों में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए संकोच नहीं करना पड़ेगा महिलाएं अब खाने में अपनी बात खुलकर का सकेंगी इसके लिए सरकार ने प्रदेश के प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क बनाए जाने का आदेश दिया । विभाग के अधिकारियों का व्यवहार इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। व्यवहार ऐसा जैसे नेता के सारे गुण पुलिस में आत्मसात कर लिए हैं इससे लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास घटता दिख रहा है।जब विभाग अपने ही कर्मचारियों को न्याय नहीं दे पा रहा है तो आम जनता को क्या न्याय मिलेगा यह अपने आप में एक अहम सवाल बनता है।