विश्व कैंसर दिवस आज, होंगे विविध आयोजन, प्रभारी मंत्री करेंगे शिरकत

विश्व कैंसर दिवस आज, होंगे विविध आयोजन, प्रभारी मंत्री करेंगे शिरकत

एटा ! विश्व भर में 04 फरवरी को हर साल विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। साल 2019 से 2021 तक तीन साल के लिए विश्व कैंसर दिवस का विषय रखा गया है “मैं हूं और मैं रहूंगा” है। जिसका मतलब है कि हर किसी में क्षमता है कि वह कैंसर से लड़ सकता है। इसी थीम के अनुसार जिले में कार्यक्रम होंगे। विश्व कैंसर दिवस पर जनपद में जिला चिकित्सालय पर कैंप का आयोजन किया जाएगा। जहां पर लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके अलावा प्रभारी मंत्री अतुल गर्ग की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन होटल देव रेसीडेंसी में किया जाएगा। साथ ही हस्ताक्षर अभियान का आयोजन भी होगा।

दुनिया की सभी जानलेवा बीमारियों में कैंसर सबसे ख़तरनाक है क्योंकि कई बार इसके लक्षणों का पता ही नहीं चलता। जब इस बीमारी के होने का खुलासा होता है, तब तक काफी देर हो चुकी है और कैंसर पूरे शरीर में फैल चुका होता है। इसी वजह से कई लोगों को उचित इलाज का समय ही नहीं मिल पाता और उनकी मौत हो जाती है। अगर वक्त पर कैंसर की बीमारी का पता चल जाए तो इसका इलाज संभव है।

नोडल अधिकारी डॉ. अभिनव दुबे ने बताया कि विश्व कैंसर दिवस पर जनपद में जिला चिकित्सालय पर कैंप का आयोजन किया जाएगा। जहां पर लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके अलावा प्रभारी मंत्री अतुल गर्ग की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन होटल देव रेसीडेंसी में किया जाएगा। साथ ही हस्ताक्षर अभियान का आयोजन भी होगा। उन्होंने बताया कि कैंसर की पूर्व पहचान या रोकथाम के लिए कैंसर से बचाव के उपाय और ख़तरों के बारे में आम लोगों को जागरुक करने के लिए विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। लोगों को लगता है कि यह बीमारी छूने से फैलती है इसलिए कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को समाज में घृणा और अछूत के रूप में देखा जाता है। आम लोगों में कैंसर से संबंधित विभिन्न प्रकार के सामाजिक मिथक हैं जैसे कि कैंसर पीड़ित के साथ रहने या स्पर्श से उन्हें भी ये घातक बीमारी हो सकती है। इस तरह के मिथक को ख़त्म करने के लिए भी ये दिन मनाया जाता है। इसके होने के कारण, लक्षण और उपचार आदि जैसे कैंसर की सभी वास्तविकता के बारे में सामान्य जागरुकता बनाने के लिए इसे मनाया जाता है।

कैंसर के बारे में जरूरी बातें-

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, कैंसर से होने वाली एक तिहाई मौतें कैंसर के प्रति रवैया और आहार संबंधी जोखिमों के कारण होती हैं.

  • साथ ही कम फल और सब्जी का सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी, तंबाकू का उपयोग और शराब का उपयोग भी इसके मौत के कारण में से एक हैं.
  • तंबाकू के सेवन से कैंसर से होने वाली मौतों में बड़ी संख्या में योगदान होता है. यह लगभग 22% कैंसर से होने वाली मौतों के लिए जिम्मेदार है.
  • फेफड़े, कोलोरेक्टल, पेट और स्तन कैंसर हर साल होने वाली ज्यादातर कैंसर मौतों के लिए जिम्मेदार हैं.
  • कैंसर कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि बाहरी कारकों और आनुवांशिक कारकों दोनों से हो सकती है !

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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