कोरोना से जंग में शराब ने बढ़ाया शहर को खतरा

कोरोना से जंग में शराब ने बढ़ाया शहर को खतरा

अलीगढ़ । कोरोना से जंग जीतने के मूलमंत्र शारीरिक दूरी के नियम की सोमवार को सरकार के एक आदेश ने धज्जियां उड़वा दीं। शराब खरीदने लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। दुकानों पर लोगों में धक्का-मुक्की तक हुई। कई स्थानों पर तो मारपीट तक की नौबत आ गई। पुलिस को लाठी फटकार कर स्थिति संभालनी पड़ी। इसकी तस्वीरों से ही 40 दिनों तक घरों में रहने वाले लोग सहमे नजर आए। वजह साफ है। शहर में लगातार कोरोना के मरीज मिल रहे हैं। अब तक 43 मरीज मिल चुके हैं। शहर का एक बड़ा इलाका हॉटस्पॉट है। वायरस एक-दूसरे से फैलता है। यह जानकार भी शासन-प्रशासन अनजान बना रहा। शराब के लिए जगह-जगह लगी भीड़ से शहर को खतरा बढ़ गया है।

ऐसे तो कोरोना जीतना आसान नहीं

भीड़ ऐसी थी कि एक ही दिन में रिकॉर्ड 17 करोड़ रुपये की शराब बिक गई। यह बिक्री सामान्य दिनों से तीन गुनी बताई जा रही है। करीब 3.50 करोड़ रुपये के राजस्व सरकारी खजाने में गया है। इससे अफसर पीठ थपथपा रहे हैं। लेकिन, उन्हें यह भी चिंता करनी होगी कि अगर सुरक्षा की इस चेन को ऐसे ही तोड़ते रहे तो कोरोना से पार पाना आसान नहीं होगा।
सुबह सात बजे से ही लग गई कतारें

सुबह दस बजे से शराब की दुकान खुलने के आदेश थे। मगर, लोग सुबह सात बजे से ही शराब की दुकानों के सामने कतार लगाए हुए थे। कुछ लोग तो शराब लेने के लिए सिंधौली, पनेठी तक गए, ताकि उन्हें पहचाना न जा सके। प्रशासन से अनुमति को लेकर बने असमंजस के चलते सुबह 11 बजे तक दुकानें नहीं खुल सकी थीं। बाद में दुकान मालिक व ठेकेदार आबकारी अधिकारी धीरज शर्मा के पास उनके कार्यलय गए। तभी दुकान खोलने पर निर्णय हो सका।
भूल गए कोरोना का खौफ

दुकान खुलने से पहले ही हाथरस अड्डा, सासनीगेट पर लाइन में लगे लोगों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। किसी को भी डर नहीं था कि कोरोना वायरस का संक्रमण एकदूसरे से फैल सकता है। बहुत से लोग तो मास्क भी नहीं लगाए हुए थे। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस को लाठियां फटकरानी पड़ीं। दुकान की खिड़की तक जल्दी पहुंचने के लिए लोग एकदूसरे से सटे हुए खड़े थे। हाथरस अड्डा स्थित दुकान पर लंबी कतार थी। लोग एक-एक पेटी खरीदने में लगे हुए थे। दुकानदारों ने पहले से गोले बनवा रखे थे, मगर उसका भी किसी ने ध्यान नहीं दिया।

एसएसपी के दरवाजे पर टूटे नियम

राशन का सामान तो आपने थैला या गमछा में बांधकर सिर पर लोगों को ले जाते देखा होगा। लेकिन, सोमवार को पहली बार अनेक लोग शराब की पोटली बांधकर ले जाते नजर आए। ऐसा लग रहा था कि शराब अब कभी नहीं मिलेगी। तस्वीर महल पर तो स्थिति ये थी कि एक-एक व्यक्ति 10-10 बोतलें खरीदकर शर्ट, पैंट की जेब में रख रहा था। यहां भी जमकर धक्का-मुक्की हुई। बगल में ही एसएसपी कार्यालय है, मगर सामने ही नियमों को तोड़ा जा रहा था, पुलिस देखती रही।
एक दर्जन दुकानें बंद करानी पड़ी

जिले में हंगामे को देखते हुए एक दर्जन दुकानों को बंद कराना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में तो कई जगहों पर दुकानों में लोगों ने घुसने तक का प्रयास किया। हाथरस अड्डा, सासनीगेट और तस्वीर महल स्थित दुकानों के संचालकों को स्थिति को काबू में करने के लिए शटर गिराने पड़े। बाद में स्थिति सामान्य होने पर दुकान खोलीं।

शारीरिक दूरी का पालन जरूरी
जिला आबकारी अधिकारी धीरज शर्मा ने बताया कि शराब की दुकानें प्रतिदिन खुलेंगी। लोग सुविधा अनुसार ले सकते थे। अनावश्यक रूप से भीड़ दुकानों पर उमड़ पड़ी। कई जगहों पर तो दुकानें भी बंद करानी पड़ीं। ग्राहकों से निवदेन है कि संयम बरतें। शारीरिक दूरी का पालन करें।

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