
पुलिस बैरिकेडिंग के बीच रोड पर बैठ राकेश टिकैत ने खाया खाना, कीलें बिछाने और बाड़ेबंदी का किया विरोध
**दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने जब आंदोलन स्थल के पास तारों की बेरीकेडिंग कर सड़कों को कीलों से पाट दिया तो इसके विरोध में किसान नेता राकेश टिकैत ने आज पुलिस बाड़ेबंदी के बीच में सड़क पर बैठकर खाना खाया।
मोदी सरकार के विवादित कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर पिछले 70 दिनों से जारी किसानों के आंदोलन और सरकार के बीच की तल्खी रोज नए आयाम पर पहुंचती जा रही है। पिछले दो दिनों से दिल्ली पुलिस ने जहां आंदोलन स्थल के रास्तों को कीलों से पाट कर और तारों की बैरीकेडिंग करके बंद कर दिया है तो वहीं आज गाजीपुर बॉर्डर पर सरकार के इस कदम के खिलाफ किसान नेता राकेश टिकैत ने आज बाड़ेबंदी के बीच में सड़क पर बैठकर खाना खाकर विरोध दर्ज कराया।
राकेश टिकैत ने कहा कि जब आंदोलनरत किसानों को दिल्ली की तरफ बढ़ना ही नहीं है, तो पुलिस की इस अभूतपूर्व सुरक्षा घेरे की क्या जरूरत है। उन्होंलने कहा कि इस किलेबंदी के बाद अब सरकार रोटीबंदी करेगी। इसलिए इसके विरोध में उन्होंने सड़क पर रोटी खाकर प्रदर्शन किया है। राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार खाने को तिजोरी में बंद करना चाहती है, इसलिए हम सड़क पर बैठकर खाना खा रहे हैं।
गौरतलब है कि विवादित कृषि कानूनों को लेकर सरकार और किसानों के बीच गतिरोध टूटने का नाम नहीं ले रहा है। किसान कानूनों को रद्द करने और एमएसपी की गारंटी का कानून चाहते हैं, जबकि सरकार इन कानूनों को कुछ दिन टालने की बात कर रही है। टिकैत का कहना है कि जब तक कानून वापस नहीं लिए जाते, तब तक वे दिल्लीी से वापस नहीं लौटेंगे। आज फिर उन्होंने कहा कि ये आंदोलन अक्टूबर तक चलेगा।
इस बीच बीते शनिवार को सर्वदलीय बैठक में विपक्ष द्वारा कृषि कानूनों और किसान आंदोलन का मुद्दा उठाने पर किसानों से महज एक कॉल दूर रहने के पीएम नरेंद्र मोदी के दावे पर राकेश टिकैत ने तंज कसते हुए पूछा कि वो कौन सा नंबर है, मुझे भी दें, कॉल लगाता हूं। टिकैत ने कहा कि किसान सरकार से बात करने को तैयार हैं, लेकिन मांगें पूरी हुए बगैर आंदोलन खत्म नहीं होगा।