शराब की दुकाने खुलने का आनंदेश्वर मंदिर के महंतजी ने किया विरोध
कहा जब शराब की दुकाने खुल सकती है तो मंदिर क्यांे नही
कानपुर नगर, राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशानुसार सोमवार को कानपुर नगर में शराब की दुकाने खोल दी गयी। शराब की दुकाने
खुलने के बाद जिस तरह दुकानो पर लोगों की भीड टूटी और लाॅकडाउन की धज्जियां उडी उससे कोरोना महामारी के लिए अभी तक
किये गये सभी बचाव के कार्यो व सावधानियों पर पानी फिर गया। इस बात को लेकर सोशलमीडिया में भी लोग प्रदेश सरकार के इस
फैसले को आडे हाथो ले रहे है। शहर में शराब की दुकाने खालने को लेकर परमट स्थित बाबा आनंदेश्वर मंदिर में मंदिर के महंत चैतन्यगिरी
जी ने मंदिर परिसर पर धरना देकर अपना विरोध दर्ज किया तथा सरकार के इस फैसले को समाज हित में गलत बताया।
मंदिर के महंत चैतन्यगिरी जी ने कहा कि जब पूरा देश इस महामारी के संकट से जूझ रहा है ऐसे में शहर की शराब की दुकाने
खुलने का यह सरकारी फरमान गलत है। कहा योगी जी का फैसला गलत, शराब के ठेके नही खोलने थे, यदि खोलना ही था तो मंदिर खोलते ताकि
देवी, देवताओं से भगवान से आग्रह किया जाता कि इस सकंट से बचाया जाये और भगवान सुनते भी लेकिन शराब और मदिरा से कारोना का नाश नही
होगा, इससे बढावा मिलेगा। कहा यदि इसी प्रकार लाॅकडाउन की धज्जिया उडती रही और शराब की दुकाने खुलती रही साथ ही सोशल डिस्टेडिंग का ध्यान
नही दिया गया तो भारत भी अमेरिका बन जायेगा, इस लिए वह स्थिति आये उससे पहले सरकार चेत जाये अन्यथा यह विरोध आन्दोलन का रूप ले लेगा।
पुलिस की मेहनत हो रही व्यर्थ- अनुराग शुक्ला
अखिल भारतीय सुरक्षा समिति के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग शुक्ला ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार ने जो यह शराब की दुकाने खुलवाने का काम किया है उसका
हम कडा विरोध करेगे, क्योंकि इस फैसले से पुलिस और डाक्टरो की मेहनत पर पानी फिर जायेगा। हम इतने दिन का लाॅकडाउन काट आये है, अब जब हमने
दिन रात एक करके सभी प्रयास जारी रखे है ऐसे में शराब की दुकानो पर उमडी भीड चार-पांच दिन में हमारी सारी मेहनत खराब कर देगी। कहा कि कल ही एक
युवक को पुलिस ने रोका तो उसने तन कर कहा कि शराब लेने जा रहा हंू, यह स्थिति सही नही है, सरकार को इस फैसले पर विचार करना ही होगा।